राष्ट्रमंडल खेल-2010 के लिए खेल मंत्रालय को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा सौंपी जाने वाली यह इमारत एनडीटीएल के नए और आधुनिक भवनों में शामिल पहली इमारत है।
गिल के मुताबिक आधुनिक सुविधाओं और नवीनतम तकनीक से लैस इस भवन में जल्द ही एनडीटीएल को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
इससे वर्ल्ड एंटी डोपिग एजेंसी (वाडा) द्वारा निर्धारित नवीनतम परीक्षणों को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।
एनडीटीएल को एक विश्वस्तरीय प्रयोगशाला बनाने के उद्देश्यों के तहत पिछले वर्ष दिसंबर में इसके संचालक मंडल द्वारा इसके आधुनिकीकरण के लिए 14 करोड़ रुपए के अनुमानित व्यय की एक कार्य योजना को स्वीकृति दी जा चुकी है।
गिल ने इस अवसर पर कहा कि खेलों से डोपिग की बुराई को समाप्त करने और भारत में खेलों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे।
बकौल गिल, "एनडीटीएल को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के पीछे मुख्य कारण यह है कि हम खेलों को डोपिंग की काली छाया से मुक्त कराना चाहते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।