बकनर दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में 19 से 23 मार्च तक खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट और बारबाडोस में 27 और 29 मार्च को इंग्लैंड व वेस्टइंडीज के बीच होने वाले एकदिवसीय मुकाबलों के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की अंपायरिंग को अलविदा कह देंगे।
बकनर ने कहा है, "मैंने आईसीसी को जानकारी दे दी है कि दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली टेस्ट श्रृंखला के दौरान मैं अंतिम बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायर की भूमिका निभाऊंगा।"
आईसीसी ने कहा है कि केपटाउन टेस्ट के बाद वह बकनर को सम्मानित करेगी। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारुन लोगर्ट ने कहा, "बकनर ने पिछले दो दशक में क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अंपायरिंग के नए मानक तय किए हैं। इसके लिए आईसीसी उनका सम्मान करना चाहती है।"
बकनर ने अपना अंपायरिंग करियर 1989 में शुरू किया था। वह अब तक 126 टेस्ट मैचों और 179 एकदिवसीय मैचों में अंपायर की भूमिका निभा चुके हैं।
इस साल मई में 63 वर्ष के होने जा रहे बनकर ने कहा कि शारीरिक तौर पर वह अभी और दो-तीन साल तक अंपायरिंग करने की स्थिति में हैं लेकिन उनकी अंतरात्मा ने अब संन्यास लेने के लिए विवश कर दिया है।
बकनर ने कहा, "मेरी अंतरात्मा की आवाज कहती है कि अब मेरे जाने का वक्त आ गया है। मैंने अपने काम का जमकर लुत्फ उठाया है। मैं अपनी उपलब्धियों से खुश हूं।"
मोंटेगो बे में जन्मे बकनर के नाम 1992 से लगातार विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में अंपायरिंग करने का रिकार्ड है। उन्होंने 1992, 1996, 1999, 2003 और 2007 विश्व कप के फाइनल में अंपायर की भूमिका निभाई है। वह 2002 से आईसीसी की इलीट पैनल में शामिल हैं।
बकनर ने कहा कि वह क्लब स्तर पर अंपायरिंग करने के इच्छुक हैं। उनकी इच्छा स्कूली छात्रों को अंपायरिंग की कला के बारे में बताने की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।