नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। आपने अगर आठ ऑस्कर अपनी झोली में डालने वाली डैनी बॉएल की फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' देखी होगी तो आपको अच्छी तरह याद होगा कि उसमें एक सवाल क्रिकेट से भी जुड़ा हुआ था।
सवाल था-किस क्रिकेटर ने प्रथम श्रेणी मैचोंे में सबसे अधिक शतक लगाए हैं। इस सवाल के जवाब में जो विकल्प दिए गए थे उनमें सचिन तेंदुलकर, रिकी पोंटिंग और जैक हॉब्स के नाम थे।
हॉट सीट पर बैठे फिल्म के मुख्य किरदार ने प्रश्नकर्ता (अनिल कपूर) द्वारा गलत जवाब देने के लिए प्रेरित करने के बावजूद अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर जो जवाब दिया था, वह बिल्कुल सही था।
मुख्य किरदार ने इंग्लैंड के जैक्स हॉब्स का नाम लिया था। प्रश्नकर्ता ने इस जवाब के बारे में अधिक जानकारी देते वक्त बताया था हॉब्स ने अपने करियर में कुल 197 शतक लगाए थे।
फिल्म के निर्माता बॉएल भी इंग्लैंड के निवासी हैं। इंग्लैंड में दो ही खेल लोकप्रिय हैं। क्रिकेट और फुटबाल। जाहिर तौर पर बॉएल क्रिकेट से अछूते नहीं होंगे लेकिन इसके बावजूद उनकी इस फिल्म में एक भूल हो गई।
दरअसल, हॉब्स ने अपने 28 साल के क्रिकेट करियर में 197 नहीं बल्कि 199 प्रथम श्रेणी शतक लगाए थे। रिकार्ड बुक में हॉब्स के नाम 197 शतक ही दर्ज हैं लेकिन उन्होंने दो शतक श्रीलंका में निजी दौरे में खेलते हुए लगाए थे, जिन्हें एसोसिएशन ऑफ क्रिकेट स्टेटीस्टीशियंस (एसीएस) ने प्रथम श्रेणी शतकों के रूप में मान्यता दे दी थी।
दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में शुमार हॉब्स ने 834 मैचों की 1325 पारियों में 107 बार नाबाद रहते हुए कुल 61760 रन बनाए थे। हॉब्स का सर्वोच्च स्कोर 316 (नाबाद) रहा था और उनके नाम 273 अर्धशतक भी दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने 342 कैच भी लपके थे।
हॉब्स का अंतर्राष्ट्रीय करियर भी उतना ही शानदार रहा था, जितना कि प्रथम श्रेणी। उन्होंने 61 टेस्ट मैचों की 102 पारियों में सात बार नाबाद रहते हुए 5410 रन बनाए थे। हॉब्स ने 15 शतक और 28 अर्धशतक लगाए थे और उनका सर्वोच्च स्कोर 211 रन रहा था। उन्होंने 56.94 की औसत से रन बटोरे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**