टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (26 रन, 10 गेंद, 4 छक्के) द्वारा की गई तेज शुरुआत को भुना नहीं सकी और निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट पर 162 रन ही बना सकी।
तेजी से रन बनाने के प्रयास में एक छोर पर बल्लेबाज लगातार अपने विकेट गंवाते रहे लेकिन दूसरे छोर पर रैना टिके रहे और स्कोर को अपेक्षाकृत सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाकर ही दम लिया। रैना ने अपनी 43 गेंदों की पारी में दो चौके और पांच छक्के लगाए।
इसके अलावा यूसुफ पठान (20 रन, 8 गेंद, 3 छक्के), इरफान पठान (12 रन, 14 गेंद, 1 चौका) और हरभजन सिंह (21 रन, 21 गेंद, 2 चौके) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस मैच में सबसे बड़ी साझेदारी रैना और हरभजन के बीच हुई। 101 रनों के कुल योग पर इरफान का विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए आए हरभजन ने चतुराई के साथ खेलते हुए रैना के साथ 61 रन जोड़े।
भारत ने अपना पहला विकेट सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (6) के रूप में गंवाया। गंभीर और सहवाग ने 1.2 ओवर में ही टीम का स्कोर 25 रन पर पहुंचा दिया था लेकिन लय में नहीं होने के कारण गंभीर इयान ओ' ब्रायन की गेंद पर बोल्ड हो गए।
इसके बाद सहवाग ने रैना के साथ टीम का कुल योग 3.2 ओवर में ही 32 रन पर पहुंचा दिया। लेकिन 10 गेंदों पर चार छक्कों की मदद से 26 रन बनाने के बाद वह ओ' ब्रायन द्वारा बोल्ड कर दिए गए।
रोहित शर्मा (7), युवराज सिंह (1) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (2) कुछ खास नहीं कर सके। यूसुफ ने हालांकि खुलकर हाथ दिखाए और आठ गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 20 रन बनाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।
न्यूजीलैंड की ओर से ब्रायन और इयान बटलर ने दो-दो विकेट लिए जबकि टिम साउथी, डेनियल विटोरी, नेथन मैक्लम और जेस राइडर को एक-एक सफलता मिली।
दोनों टीमों के बीच यह अब तक का दूसरा ट्वेंटी-20 मैच है। सितंबर 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ट्वेंटी-20 विश्व कप के दौरान न्यूजीलैंड की टीम ने भारत को 10 रनों से पराजित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।