उम्मीद की जा रही थी कि दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज क्राइस्टचर्च की गलतियों से सबक लेंगे लेकिन हुआ इसके उलट। छोटे मैदान पर छक्के उड़ाने और विकेट से दूर जाती गेंदों को छेड़ने के प्रयास में बल्लेबाजों ने टीम की मिट्टी पलीद कर दी।
भारतीय टीम को हालांकि शुरुआत अच्छी मिली थी। सहवाग ने 11 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 24 रन बनाते हुए स्कोर को 3.3 ओवर में ही 29 रन तक पहुंचा दिया था लेकिन इसके बाद गौतम गंभीर (10) तथा सुरेश रैना (0) इस कामयाबी को भुना नहीं सके।
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 47 रन के कुल योग पर ही अपने तीन विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 29 रन के कुल योग पर इयान ओ' ब्रायन की गेंद पर कप्तान डेनियल विटोरी द्वारा लपक गए।
भारत का दूसरा विकेट रैना के रूप में गिरा। उन्हें टिम साउथी ने इयान बटलर के हाथों कैच कराया। क्राइस्टचर्च में बुधवार को खेले गए पहले मुकाबले में रैना ने सर्वाधिक 61 रन बनाए थे।
गंभीर ने भी विकेट पर टिकने का भरपूर प्रयास किया लेकिन बटलर की एक बाहर जाती गेंद पर गच्चा खा गए और विकेट के पीछे ब्रेंडन मैक्लम के हाथों लपके गए। गंभीर ने 13 गेंदों पर एक छक्के की मदद से 10 रन बनाए।
इसके बाद युवराज सिंह ने तूफानी अंदाज में खेलते हुए स्कोर 94 रन तक पहुंचाया लेकिन बड़े शॉट खेलने के प्रयास में वह भी अपना विकेट गंवा बैठे। युवराज ने 34 गेंदों पर तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 50 रन बनाए।
कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और इरफान पठान ने टीम के योग को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन न्यूजीलैंड की चुस्त फील्डिंग और अनुशासित गेंदबाजी के आगे उनका प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो सका।
अंतिम ओवर में जुटाए गए 15 रनों की बदौलत भारत छह विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाने में सफल रहा। धौनी 30 गेंदों पर दो चौकों की मदद से नाबाद 28 रन बनाने में सफल रहे जबकि इरफान 10 गेंदों पर एक छक्के की मदद से 15 रन बनाकर नाबाद लौटे।
दो मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को सात विकेट के पराजित किया था। दोनों टीमों के बीच अब तक दो ट्वेंटी-20 मैच खेले गए हैं, जिनमें न्यूजीलैंड की जीत हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।