जयपुर/नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मौजूदा उपाध्यक्ष और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अध्यक्ष ललित मोदी राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के अध्यक्ष पद का चुनाव हार गए हैं। रविवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक की देखरेख में हुए मतदान में मोदी को कुल 13 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी संजय दीक्षित को 18 वोट मिले।
इस तरह पांच वोट के अंतर से हारकर मोदी आरसीए की कार्यकारिणी से बाहर हो गए। मोदी की हार बीसीसीआई के लिए भी बड़ा झटका है। आरसीए के विभिन्न पदों पर भी मोदी समर्थकों की हार हुई है। उनकी पैनल का कोई भी सदस्य जीत नहीं सका है। इस हार के बाद आने वाले दिनों में मोदी को और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हार की आशंका में मोदी ने कई बार चुनाव टलवाने की कोशिश की थी। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने यह कहा था कि उन्हें चुनाव के दौरान धांधली की आशंका है। मोदी की याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव को एक सप्ताह के लिए स्थगित करने का आदेश पारित किया था। यह चुनाव पहले 22 फरवरी को होना था लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद इसे एक मार्च को कराया गया।
अपने फैसले के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एन.एम. कासलीवाल को पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन और न्यायाधीश पी. सथाशिवम की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि यह चुनाव 11 फरवरी, 2005 से लागू आरसीए के संशोधित संविधान के अनुसार ही कराया जाएगा।
खंडपीठ का यह आदेश आरसीए के मौजूदा अध्यक्ष ललित मोदी की उस याचिका की सुनवाई के बाद आया था, जिसमें मोदी ने अपने साथ काम करने वाले लोगों पर अविश्वास जताया था। मोदी ने कहा था कि उन्हें डर है कि न्यायालय के हस्तक्षेप के बगैर चुनाव में भारी गड़बड़ी की जा सकती है। मोदी ने चुनाव के निष्पक्ष संपादन के लिए न्यायालय से मदद की गुहार लगाई थी।
दरअसल, मोदी के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा है। उनके खिलाफ आईपीएल कोष में छह करोड़ रुपये की धांधली और राजस्थान में एक जमीन कब्जाने का मामला दर्ज है। जयपुर स्थित एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने मोदी पर आईपीएल कोष में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए पुलिस में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है।
संगठन ने पिछले महीने ज्योति नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। नागरिक मोर्चा नाम के एक एनजीओ ने आईपीसी की धारा-420 और 467 के अंतर्गत मोदी पर बेइमानी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया। यह धारा-420 बेइमानी और धारा-467 किसी कीमती वस्तु को हथियाने के लिए की गई धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
संगठन के मुताबिक 13 मई, 2008 को जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद मोदी ने आईपीएल खाते में से बतौर मुआवजा पीड़ितों को 6 करोड़ रुपये देने की बात कही थी। मोदी ने यह रकम मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने की बात कही थी लेकिन आज तक यह रकम पीड़ितों तक नहीं पहुंची है।
मोदी को राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का करीबी माना जाता है। इन दिनों वह धोखाधड़ी के एक अन्य आरोप में भी उलझे हुए हैं। उन पर राजस्थान के नागौर जिले में एक जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर गबन का आरोप है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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