सोमदेव ने यांग मिंग टेनिस सेंटर पर खेले गए पहले एकल मुकाबले में चीनी ताइपे के खिलाड़ी ती चेन को 7-5, 6-4, 6-4 से पराजित किया था लेकिन बोपन्ना मेजबान टीम के शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी येन ह्सुन लू के हाथों 6-7, 2-6, 2-6 से हार गए।
बोपन्ना की रैंकिंग 320वीं है जबकि लू इस सूची में उनसे काफी ऊपर 59वें क्रम पर विराजमान हैं। वरीयता क्रम देखते हुए बोपन्ना के लिए यह मैच जीतना पहले से कठिन माना जा रहा था। इसके बावजूद बोपन्ना ने पहले सेट में लू को कड़ी टक्कर और खेल को टाइब्रेकर तक खींचने में सफल रहे लेकिन बाद के सेटों में वह अपने खेल पर नियंत्रण नहीं रख सके।
भारत के लिए दूसरा एकल मुकाबला जीतना बेहद जरूरी था क्योंकि इसके माध्यम से वह शनिवार को मेजबान टीम पर अजेय बढ़त हासिल कर सकता था। ऐसा इसलिए क्योंकि शनिवार को खेले जाने वाले युगल मुकाबले में महेश भूपति और लिएंडर पेस की दिग्गज जोड़ी के त्सुंग हुआ यांग और चू ह्यून यी की जोड़ी को आसानी से हराने के आसार दिख रहे हैं।
अब शनिवार को टीम को बढ़त दिलाने का दारोमदार पेस और भूपति के कंधे पर आ गया है। दोनोंे खिलाड़ी सालों से ऐसा करते आ रहे हैं। अनुभव और मौजूदा फार्म को देखते हुए उनके लिए यह मैच जीतना कठिन नहीं होगा। इस लिहाज से रविवार को खेले जाने वाले उलट एकल (रिवर्स सिंगल) मुकाबले भारतीय टीम के भाग्य का फैसला करेंगे।
रविवार को पहले मुकाबले में जहां लू का सामना सोमदेव से होगा वहीं इसी दिन खेले जाने वाले दूसरे उलट एकल मुकाबले में चेन को बोपन्ना के साथ दो-दो हाथ करने होंगे। सोमदेव अपना एक मैच जीत चुके हैं लेकिन इसके बाद उनके सामने लू नाम की एक बड़ी चुनौती है, जो बेहतरीन फार्म में हैं। लू ने आस्ट्रेलियन ओपन में विश्व के 12वीं वरीयता प्राप्त अर्जेटीनी खिलाड़ी डेविड नलबैंडियन को हराया था।
दूसरी ओर, डेविस कप टीम में स्थान बनाए रखने के लिए बोपन्ना को हर हाल में चेन को हराना होगा। हालांकि लू के मुकाबले बोपन्ना के लिए चेन को हराना अपेक्षाकृत आसान होगा क्योंकि वह वरीयता के आधार पर चेन के मुकाबले अच्छे खिलाड़ी हैं। भारतीय टीम पिछले साल वर्ष 2005 के बाद पहली बार वर्ल्ड ग्रुप में पहुंची थी। हालांकि रोमानिया के हाथों हारने के बाद वह फिर से क्षेत्रीय ग्रुप में खिसक गई थी।
भारतीय टीम के गैर-खिलाड़ी कप्तान एस.पी. मिश्रा ने कहा है कि उनकी टीम के पास यह मुकाबला जीतने का 50-50 प्रतिशत मौका है। मिश्रा ने कहा, "सोमदेव की मेहनत पर बोपन्ना ने पारी फेर दिया। मुझे पूरा यकीन है कि महेश भूपति और लिएंडर पेस शनिवार को युगल मैच जीतकर टीम को फिर बढ़त दिला देंगे लेकिन इसके बाद तीसरे दिन सारा दारोमदार एक बार फिर सोमदेव और बोपन्ना पर आ जाएगा।"
मिश्रा ने कहा कि अपने से कहीं ऊंची वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के खिलाफ खेल रहे होने के बावजूद बोपन्ना ने अच्छा खेल दिखाया। उन्होंने कहा, "लू येन ह्सून को हराना आसान नहीं था। बोपन्ना ने बेहतरीन खेल दिखाया लेकिन लू का अनुभव उनके लिए फायदेमंद साबित रहा। मुझे यकीन है कि बोपन्ना रिवर्स सिंगल मुकाबले में ती चेन के खिलाफ इससे भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।