लॉरी ने सोमवार को कहा कि हगेज की कामयाबी से साफ हो गया है कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए किसी खिलाड़ी की उम्र 30 साल होनी जरूरी नहीं है।
लॉरी का मानना है कि 20 साल के हगेज को काफी पहले राष्ट्रीय टीम में जगह मिलनी चाहिए थी लेकिन चयनकर्ताओं ने उम्र कम होने के कारण उन पर ध्यान ही नहीं दिया। इसके बाद को चयन प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत महसूस की जाने लगी है।
लॉरी के मुताबिक मार्क टेलर ने 12 महीने पहले ही कह दिया था कि हगेज को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलनी चाहिए क्योंकि उनमें कुछ खास विशेषताएं हैं।
उल्लेखनीय है कि अपने करियर का दूसरा टेस्ट मैच खेल रहे हगेज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शानदार शतक लगाने का कारनामा कर दिखाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।