हेमिल्टन, 10 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार को जब चौथे एकदिवसीय मुकाबले के लिए स्थानीय सिडन पार्क क्रिकेट मैदान पर उतरेगी तब उसके सामने किवियों को पहली बार उन्हीं के घर में हराने की जबरदस्त चुनौती होगी।
भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड में अब तक एक भी एकदिवसीय श्रृंखला नहीं जीती है। इससे पहले उसने कुल आठ बार न्यूजीलैंड का दौरा किया है लेकिन दो मौैकों को छोड़कर उसे हर बार हारकर वापस आना पड़ा है।
भारतीय टीम 1993-94 और 1998-99 सत्र में न्यूजीलैंड के साथ ड्रॉ खेलने में सफल रही है लेकिन जीत का उसे अभी भी इंतजार ही है। भारतीय टीम 1976 में 2-0 से हारी थी जबकि 1981 में भी उसे इसी अंतर से हार झेलनी पड़ी थी। 1990 में चार मैचों की श्रृंखला में उसे 1-3 से और 1992 मे तीन मैचों की श्रृंखला में 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी।
1994 में खेली गई चार मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबरी पर छूटी थी जबकि 1995 में खेली गई तीन मैचों की श्रृंखला में भारत को एक बार फिर 1-2 से हार मिली थी। 1999 में भारत चार मैचों की श्रृंखला एक बार फिर 2-2 से ड्रा कराने में सफल रहा था लेकिन 2002 में खेली गई सात मैचों की श्रृंखला में उसे 2-5 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
बहरहाल, पांच मैचों की श्रृंखला में 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना चुकी भारतीय टीम को श्रृंखला पर कब्जा कर इतिहास रचने के लिए महज एक जीत की जरूरत है लेकिन उसे यह सफर अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज और क्राइस्टचर्च में खेले गए तीसरे मुकाबले के हीरो सचिन तेंदुलकर के बगैर ही तय करना होगा।
पेट की मांसपेशी में खिंचाव के कारण तेंदुलकर को एहतियात के तौर पर चौथे मैच में आराम दिया जा रहा है। तेंदुलकर की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय टीम का पलड़ा भारी है क्योंकि उसका बल्लेबाजी क्रम फिलहाल आग उगल रहा है।
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर थोड़े लचर दिख रहे हैं। हो सकता है वह तीसरे क्रम के साथ ताल नहीं बैठा पा रहे हों लेकिन बुधवार को वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करते वक्त उनके बल्ले के भी आग उगलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सहवाग, सुरेश रैना, युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के शानदार फार्म को देखते हुए भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है लेकिन तेंदुलकर की गैरमौजूदगी में किसी एक को जिम्मेदारी लेते हुए एक छोर पर विकेट बचाए रखना होगा।
गेंदबाजी में भी भारतीय टीम के लिए बहुत अधिक चिंता नहीं है। चोटिल ईशांत शर्मा के इस मैच के साथ वापसी करने के आसार हैं। कंधे की चोट से परेशान ईशांत पहले तीन मैचों में नहीं खेल सके हैं। उनकी वापसी की स्थिति में मुनाफ पटेल का पत्ता कट सकता है। इसके अलावा टीम में बहुत अधिक परिवर्तन के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं।
जहां तक किवी टीम की बात है तो उसे इस मैच के साथ श्रृंखला में वापसी करनी होगी। क्राइस्टचर्च में किवी बल्लेबाजों ने अच्छा दमखम दिखाया था लेकिन विशाल लक्ष्य के सामने उनका प्रयास आधा-अधूरा साबित हुआ था।
इस मैच को जीतकर मेहमान टीम श्रृंखला ड्रॉ कराने की ओर कदम बढ़ा सकती है। इससे उसे पांचवें मैच को जीतकर अपना रिकार्ड साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी। कप्तान डेनियल विटोरी पिता बनने के बाद टीम में लौट आए हैं लेकिन क्राइस्टचर्च में अपने कोटे के 10 ओवरों में 105 रन लुटाने वाले टिम साउथी की छुट्टी कर दी गई है।
तेज गेंदबाज इयान बटलर चोटिल हैं और उनका स्थान लेने के लिए हरफनमौला इवेन थांपसन को टीम में शामिल किया गया है। विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम भी पूरी तरह फिट हो चुके हैं और बुधवार को उनके विकेट के पीछे की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी मुख्य रूप से जेस राइडर, मैक्लम, मार्क गुपटिल और रॉस टेलर की सफलता पर निर्भर करेगी। इसके अलावा हरफनमौला जैकब ओराम और खुद कप्तान विटोरी को भी बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी में अच्छा योगदान देना होगा।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक सिडन पार्क की पिच बल्लेबाजों को मदद करने वाली है। कुल मिलाकर यहां भी क्राइस्टचर्च की तरह रनों की बरसात देखने को मिल सकती है। हालांकि आसमानी बरसात की आशंका के कारण मैच में देरी भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने कहा है कि हेमिल्टन में सुबह बारिश हो सकती है लेकिन शाम ढलते-ढलते मौसम साफ हो जाएगा। कुल मिलाकर होली के दिन खेले जाने वाले इस मैच के माध्यम से दोनों टीमें अपनी हसरतों में जीत का रंग भरने का प्रयास करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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