पाकिस्तान के समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' ने पीसीबी के इस रवैये को हास्यास्पद करार देते हुए लिखा है कि एक तरफ पीसीबी जहां दूसरे देशों से यह कहता फिर रहा है कि सुरक्षा कारणों से वे पाकिस्तान दौरा रद्द नहीं करें और दूसरी ओर वह खुद बांग्लादेश से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग कर रहा था।
पत्र के मुताबिक तीन मार्च को लाहौर के लिबर्टी चौक पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद पीसीबी को इस बात का डर सताने लगा है कि दूसरे देशों में भी उसके खिलाड़ियों पर भी हमले हो सकते हैं और यही कारण है कि उसने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी।
पत्र ने पीसीबी के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, "यह सच है कि पीसीबी की तरफ से खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की गई थी, जिसे बांग्लादेश की सरकार ने ठुकरा दिया। ढाका रवाना होने से पहले पीसीबी पाकिस्तान सरकार के साथ संपर्क में था। उसे कहा गया था कि आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए वह सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरते।"
दूसरी ओर, बीसीबी ने साफ कर दिया कि उसकी सरकार ने यह कहते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने से इनकार कर दिया कि बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) के विद्रोह के बाद वह इस संबंध में विचार करने की स्थिति में नहीं है। विद्रोह के दौरान बीडीआर प्रमुख मेजर जनरल शकील अहमद सहित 74 सैनिक मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।