बीसीसीआई ने रविवार को आयोजित आपात बैठक के दौरान यह फैसला किया। हालांकि बोर्ड ने उन स्थलों का खुलासा नहीं किया, जहां इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन किया जा सकता है। ऐसी संभावना है कि इसका आयोजन इंग्लैंड या फिर दक्षिण अफ्रीका में कराया जा सकता है।
बोर्ड ने इतना जरूर कहा कि वह दूसरे देशों के क्रिकेट बोर्डो के साथ बातचीत कर रहा है और जल्द ही टूर्नामेंट के कार्यक्रम और आयोजन स्थलों के नामों की घोषणा की जाएगी।
बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने पत्रकारों से कहा, "कई देशों के क्रिकेट बोर्डो ने आईपीएल की मेजबानी की इच्छा जाहिर की है। हम सबके साथ बात कर रहे हैं।"
बीसीसीआई ने साफ किया कि वह मजबूरन यह फैसला कर रहा है क्योंकि सरकार लोकसभा चुनावों के साथ-साथ होने वाले आईपीएल मैचों के लिए सुरक्षा की व्यवस्था करने में असमर्थता जता रही है।
बकौल मनोहर, "इससे पहले, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने कहा था कि उन्हें आईपीएल मैचों की मेजबानी करने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन एक दिन बाद ही उन्होंने कहा कि वे इन मैचों के लिए सुरक्षा प्रदान करने की स्थिति में नहीं हैं।"
मनोहर ने कहा कि सरकार की बेरुखी से तंग आकर बीसीसीआई को आईपीएल का आयोजन देश से बाहर कराने का फैसला करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, "हम बाध्य होकर आईपीएल का आयोजन विदेशी धरती पर कराने का फैसला कर रहे हैं। हम खासतौर पर महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की सरकारों के रुख से खफा हैं।"
बीसीसीआई ने संभावना जताई कि आईपीएल की मेजबानी के लिए इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और मध्य-पूर्व तगड़े दावेदार के रूप में उभरे हैं।
आईपीएल आयोजन समिति के अध्यक्ष ललित मोदी ने कहा कि आयोजन स्थलों में परिवर्तन के अलावा इसके प्रारूप में कोई और परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
बकौल मोदी, "आईपीएल के 59 मैच भारतीय समयानुसार शाम चार बजे से रात 11 बजे तक खेले जाएंगे। इसके समय और प्रारूप में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। टूर्नामेंट का नया कार्यक्रम शीघ्र ही जारी किया जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि आईपीएल की आयोजन समिति तीसरा पुनर्निर्धारित कार्यक्रम गृह मंत्रालय को सौंप चुकी है, जिस पर गृह मंत्री पी. चिदंबरम अगले हफ्ते फैसला करेंगे। ऐसे में जबकि आईपीएल के शुरू होने से में मात्र 19 दिन रह गए हैं, आयोजन समिति को गृह मंत्रालय के साथ तालमेल बनाकर जल्द से जल्द कोई फैसला करना होगा।
आईपीएल और लोकसभा चुनावों का आयोजन अप्रैल-मई में साथ-साथ होना है और यही सरकार की दिक्कत है। सरकार चुनावों के दौरान आईपीएल मैचों के लिए सुरक्षा बल मुहैया कराने की स्थिति में नहीं है।
सरकार ने फिलहाल आईपीएल मैचों में सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी उन राज्यों को दे रखी है, जहां ये मैच खेले जाने हैं। गृह मंत्रालय ने राज्यों से इस संबंध में जल्द से जल्द राय मांगी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।