इस बीच इंग्लैंड इस प्रतियोगिता के आयोजन स्थल के रूप में उभरकर सामने आया है। आईपीएल के प्रमुख ललित मोदी को उम्मीद है कि इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अपने घरेलू कार्यक्रम में बिना किसी व्यवधान के आईपीएल के मैच कराने के लिए तैयार है।
उधर दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख ने कहा कि यदि किसी कारण से इंग्लैंड आईपीएल का आयोजन करने में असमर्थ रहा तो उनका देश प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा।
समाचार पत्र 'गार्जियन' ने सोमवार को कहा कि इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड को विश्वास है कि 10 अप्रैल से 24 मई के बीच अपने सभी बड़े मैदानों पर वह आईपीएल के 59 मैच संपन्न करा लेंगे। इसके लिए पहले से तय घरेलू कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं होगा।
अखबार के अनुसार ईसीबी के मुख्य कार्यकारी डेविड कोलियर सुरक्षा, टेलीविजन प्रसारण अधिकारों और प्रतियोगिता के लिए अन्य सामानों के परिवहन से जुड़े सवालों के बावजूद आईपीएल को लेकर काफी उम्मीद में हैं।
उन्होंने कहा कि वह पिछले 36 घंटों से चर्चा कर रहे हैं। वह आईपीएल और बीसीसीआई के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और इस सप्ताह के अंत तक बोर्ड को रिपोर्ट देंगे।
उधर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने आईपीएल को देश से बाहर आयोजित किए जाने की बात पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आलोचना करते हुए कहा है कि इस मामले में बोर्ड अत्यधिक जल्दबाजी में था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड ने इस मामले में सुरक्षा के मसले पर दोहरा रवैया अपनाया और कहा कि अभी इस ट्वेंटी20 प्रतियोगिता के नए कार्यक्रम के बारे में अंतिम निर्णय लिया जाना शेष था।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चिदंबरम मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव अरुण जेटली पर भी जमकर बरसे।
चिदंबरम ने कहा, "17 मार्च को गृह मंत्रालय को एक और संशोधित कार्यक्रम दिया गया। इसमें कहा गया था कि उनके मुताबिक उल्लिखित राज्यों के पुलिस प्रमुख इस कार्यक्रम के मुताबिक आईपीएल मैच कराने के लिए तैयार हैं। उसी दिन हमने यह कार्यक्रम राज्यों को भेज दिया था ताकि वे जल्द से जल्द अपने विचार इस पर प्रकट करें।"
उन्होंने कहा कि अब तक केवल तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने लिखित रूप से आईपीएल की नई तिथियों पर सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है जबकि शेष के जवाब का अभी भी इंतजार है।
बीसीसीआई के प्रमुख शशांक मनोहर ने कहा था कि केंद्र सरकार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सरकारों के रवैये के कारण आयोजकों को सुरक्षा कारणों से प्रतियोगिता देश के बाहर ले जानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि अगर मनोहर ने केंद्र सरकार का उल्लेख किया है तो ऐसी टिप्पणियां एकदम अनुचित हैं और अगर उन्होंने राज्य सरकारों का जिक्र किया है तो मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा मुहैया कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और हमें उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
आईपीएल को सुरक्षा मुहैया न करवा पाने को राष्ट्रीय शर्म का विषय बताने वाले नरेंद्र मोदी के बयान पर चिदंबरम ने कहा कि वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगे राष्ट्रीय शर्म का विषय थे।
चिदंबरम ने कहा, "राष्ट्रीय शर्म क्या है? देश में अधिकांश लोग सोचते हैं कि गुजरात में वर्ष 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगे राष्ट्रीय शर्म का विषय थे।"
भाजपा नेता अरुण जेटली द्वारा यह कहे जाने पर कि आईपीएल का बाहर आयोजन किए जाने से यह दुनिया भर में यह नकारात्मक संदेश जाएगा कि हम अपने देश में एक खेल प्रतियोगिता तक कराने में असफल रहे।
चिदंबरम ने कहा, "मुझे पता है कि जेटली को बढ़चढ़ कर बोलने की आदत है लेकिन चूंकि वे दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष हैं इसलिए इस बार वे कुछ ज्यादा बोल गए।"
आकलैंड में भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल को विदेश में आयोजित किए जाने पर निराशा प्रकट करते हुए सोमवार को कहा कि इससे पिछले वर्ष जैसा एहसास नहीं जाग सकेगा।
आईपीएल की मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान तेंदुलकर ने कहा, "आईपीएल को बाहर ले जाए जाने का फैसला निराशाजनक है। हमें अपने समर्थकों के समक्ष न खेलने की कमी खलेगी। यह एहसास पहले जैसा नहीं होगा।"
आईपीएल की किंग्स इलेवन पंजाब टीम के कप्तान युवराज सिंह ने भी स्वीकार किया कि आईपीएल के दूसरे संस्करण का अनुभव पहले से एकदम अलग होगा। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड का निर्णय है और हम इसका पालन करेंगे।
कराची में पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर जहीर अब्बास ने कहा है कि बीसीसीआई द्वारा आईपीएल के दूसरे संस्करण को भारत से बाहर आयोजित करने का फैसला एशियाई क्रिकेट के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट खेलने वाले सभी एशियाई देशों को एक साथ बैठकर सुरक्षा के मुद्दों से निपटने के लिए एक साझा रणनीति बनानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकारों द्वारा आम चुनावों के चलते मैचाों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा न उपलब्ध करा पाने की बात कहे जाने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को एक आपात बैठक में निर्णय लिया था कि इस ट्वेंटी20 क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन देश के बाहर किया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।