पाकिस्तान के समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक आसिफ ने पीसीबी की जांच समिति को बताया था कि उन पर दुबई में प्रवेश करने को लेकर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है।
आसिफ की इस दलील के बाद जांच समिति ने उनसे इस संबंध में जरूरी आव्रजन दस्तावेज पेश करने को कहा था लेकिन आसिफ ऐसा नहीं कर सके थे।
आसिफ ने समिति के सामने अपना वीजा पेश किया था लेकिन सिर्फ वीजा के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में प्रवेश नहीं किया जा सकता। इसके लिए अन्य दस्तावेजों की भी जरूरत होती है।
पत्र ने लिखा है कि अगर आसिफ अगले दो-तीन दिनों में इस मामले से जुड़े आव्रजन दस्तावेज समिति के सामने पेश नहीं कर पाते हैं तो उन पर तगड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है।
पिछले साल जून में दुबई में हिरासत में लिए जाने के मामले में आसिफ दोषी करार दिए जा चुके हैं। उनके पास से अफीम बरामद हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।