पाकिस्तान के समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' से बातचीत के दौरान बट्ट ने कहा, "मैं मीडिया के माध्यम से कई दिनों से सुन रहा हूं कि यूसुफ राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए आईसीएल का दामन छोड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन मेरे हिसाब से इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है।"
बट्ट ने कहा कि उन्हें यूसुफ की ओर से इस संबंध में कोई अनुरोध या जानकारी नहीं मिली है। बकौल बट्ट, "जब तक मुझे यूसुफ की ओर से कोई जानकारी नहीं मिलेगी, तब तक मैं इस मामले को लेकर कुछ नहीं कह सकता।"
दो दिन पहले खबर पाकिस्तान के एक अन्य समाचार पत्र 'द न्यूज' ने खबर दी थी कि यूसुफ ने आस्ट्रेलिया के साथ अप्रैल-मई में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेली जाने वाली एकदिवसीय श्रृंखला के माध्यम से राष्ट्रीय टीम में वापसी का लक्ष्य रखा है और यही कारण है कि वह आईसीएल से नाता तोड़ने को तैयार हैं।
पत्र के मुताबिक यूसुफ ने पीसीबी को अपने फैसले के संबंध में जानकारी दे दी है। पीसीबी ने पिछले साल आईसीएल के साथ संबंध जोड़ने के बाद यूसुफ पर सभी तरह का क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
यूसुफ के लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी कर पाना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि पीसीबी मानता है कि उन्होंने बोर्ड के केंद्रीय करार का उल्लंघन किया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यूसुफ ने अबू धाबी में वेस्टइंडीज के साथ खेली गई तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के मध्य में आईसीएल के साथ करार किया था।
यूसुफ ने उस समय साफ किया था कि वह कप्तान शोएब मलिक के व्यवहार से तंग आकर पाकिस्तानी टीम से नाता तोड़ रहे हैं क्योंकि मलिक एक वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं देते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।