समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक बुधवार को स्पेन ने जहां तुर्की को 2-1 से पराजित किया वहीं इंग्लैंड ने जॉन टेरी के गोल की मदद से युक्रेन को 1-0 से पराजित किया।
स्पेन और इंग्लैंड की तुलना में हॉलैंड ने ज्यादा बड़ी जीत हासिल की। एम्सर्टडम में खेले गए एकतरफा मुकाबले में उसने मैक्डोनिया को 4-0 से शिकस्त दी।
इसके अलावा जर्मनी ने वेल्स को 2-0 से, ग्रीस ने डेनमार्क को 2-1 से और स्लोवाकिया ने चेक गणराज्य को 2-1 से, हंगरी ने पुर्तगाल को 3-0 से और रूस ने लिशटनटीन को 1-0 से पराजित किया।
उधर, दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच जारी क्वालीफाईंग मुकाबलों में पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील ने पेरू को 3-0 से पराजित कर दिया।
बुधवार को ही खेले गए अन्य मुकाबलों में पराग्वे ने एक्वाडोर को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया जबकि चिली और उरुग्वे के बीच खेला गया मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। वेनेजुएला ने हालांकि कोलंबिया पर 2-0 की शानदार जीत दर्ज की।
पराग्वे 12 मैचों से 24 अंक जुटाकर तालिका में सबसे ऊपर चल रहा है। इसके बाद ब्राजील के 21 और चिली के 20 अंक हैं। अर्जेटीना 19 अंकों के साथ चौथे और उरुग्वे 17 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है।
एक अन्य मुकाबले में बोलिविया ने अर्जेटीना को 6-1 से रौंद दिया। महान फुटबालर डिएगो मैराडोना के कोच बनने के बाद से अर्जेटीना की राष्ट्रीय टीम की यह सबसे बड़ी हार है। साथ ही 1993 के बाद से अर्जेटीना की यह सबसे बड़ी पराजय है। 1993 में कोलंबिया ने उसे 5-0 से पराजित किया था।
बोलिविया के लिए स्ट्राइकर जोएक्विन बोटेरो ने एक पेनाल्टी सहित तीन गोल किए जबकि मार्सेलो मार्टिस, डिडि टोरिको और एलेक्स डा रोसा ने एक-एक गोल किए। अर्जेटीना की ओर से एकमात्र गोल लुइस गोंजालेज ने किया।
दक्षिण अमेरिका से पांच टीमों को विश्व कप में खेलने की योग्यता मिलेगी। चार टीमें सीधे तौर पर विश्व कप में शिरकत करेंगी लेकिन पांचवीं टीम को उत्तर अमेरिका, मध्य अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्रों की टीमों के साथ प्ले-ऑफ मैच खेलकर अपने लिए सीट कब्जानी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।