ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' के मुताबिक मैक्लारेन टीम के ब्रिटिश चालक लुइस हेमिल्टन को आस्ट्रेलियन ग्रां पी से बाहर करने के एफआईए के फैसले से ब्रिटेन में निराशा का माहौल है।
पत्र ने ट्रूली के हवाले से लिखा है, "मैं न्याय चाहता था। मुझे न्याय मिल गया है, लिहाजा मैं खुश हूं। मैं खुश हूं कि मेरे प्रयास से टोयोटा टीम को पहली ही रेस में अंक मिले।"
उल्लेखनीय है कि एफआईए ने गलत जानकारी देने के आरोप में मौजूदा विश्व चैंपियन हेमिल्टन को गुरुवार को आस्ट्रेलियन ग्रां पी से बाहर करने की घोषणा की थी।
रविवार को आयोजित मुख्य रेस में हेमिल्टन चौथे स्थान पर रहे थे लेकिन ट्रूली पर 25 सेकेंड का पेनाल्टी लगाए जाने के बाद वह तीसरा स्थान हासिल करने में सफल रहे थे।
ट्रूली पर पेनाल्टी इसलिए लगाया गया था क्योंकि उन्होंने 57वें लैप के दौरान सेफ्टी-व्हीकल के ट्रैक पर रहते हुए हेमिल्टन की कार को ओवर-टेक किया था।
ट्रैक पर जो कुछ हुआ था उसे सबसे करीब से हेमिल्टन ने ही देखा था, लिहाजा एफआईए ने जब इस संबंध में हेमिल्टन ने पूछताछ की तो उन्होंने गुमराह करने वाले तथ्यों का खुलासा किया।
बाद में पाया गया कि हेमिल्टन द्वारा पेश तथ्य दूसरे लोगों द्वारा पेश तथ्यों और टीवी फुटेज से मेल नहीं खा रहे हैं, लिहाजा उन्हें गुमराह करने के आरोप में आस्ट्रेलियन ग्रां पी से बाहर करने का फैसला किया गया।
एफआईए के इस फैसले के बाद इस साल हेमिल्टन और उनकी मैक्लारेन टीम का नाम आस्ट्रेलियन ग्रां पी के रिकार्डबुक से हटा दिया गया। साथ ही हेमिल्टन को तीसरे स्थान से बेदखल भी कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।