पाकिस्तान के समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' ने फरहत के हवाले से लिखा है, "हम आईसीएल से नाता तोड़ना चाहते हैं। हमारा प्रमुख लक्ष्य राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है। इसके लिए हमने जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है।"
बतौर सलामी बल्लेबाज टेस्ट तथा एकदिवसीय क्रिकेट खेल चुके फरहत ने साफ किया कि आईसीएल ने किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को लिखित तौर पर करार खत्म होने की सूचना नहीं दी है।
फरहत का यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अध्यक्ष एजाज बट्ट के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय टीम में स्थान पाने के लिए बागी खिलाड़ियों को हर हाल में आईसीएल से नाता तोड़ना होगा।
बट्ट के अलावा पीसीबी की चयन समिति के अध्यक्ष अब्दुल कादिर ने भी आईसीएल से नाता तोड़ने के बाद बागी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की बात कही है।
बागी खिलाड़ी अप्रैल-मई में संयुक्त अरब अमीरात में आस्ट्रेलिया के साथ खेली जाने वाली पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के माध्यम से राष्ट्रीय टीम में वापसी करना चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।