दूसरे दिन सुबह के सत्र में जब कीवियों ने भारत के अंतिम बल्लेबाज के रूप में ईशांत शर्मा (18) को आउट किया तब तक भारतीय टीम 379 रनों का स्कोर खड़ा कर चुकी थी और लगभग चार दिन का खेल बकाया था।
न्यूजीलैंड के सामने पहली चुनौती इस स्कोर को पार करने की थी लेकिन जहीर खान के इरादे कुछ और ही थे। कीवी बल्लेबाजों ने उनकी कहर बरपाती गेंदों के आगे लगभग आत्मसमर्पण कर दिया। कीवी टीम के स्कोर में कुल 21 रन ही जुड़े थे कि जहीर ने सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुपटिल को बोल्ड कर दिया। इसके बाद उन्होंने एक-एक करके टिम मैक्लंटॉस (32 रन), डेनियल फ्लिन (2 रन), और पिछले मैच में दोहरा शतक लगाने वाले जेस राइडर (3 रन) को पवेलियन की राह दिखा दी। बाद में साउथी (16 रन) का विकेट झटक कर उन्होंने करियर में सातवीं बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट झटकने का कारनामा कर दिखाया।
इसके बाद बारी थी टर्बनेटर हरभजन सिंह की। एक ओर जहां भारतीय पारी में कीवी स्पिनर एक भी विकेट पाने में नाकाम रहे थे वहीं न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के पास मानो भज्जी की घुमावादार गेंदों का कोई तोड़ ही न था। एक समय फालोआन के खतरे से जूझ रही कीवी टीम आखिरकार पहली पारी में 197 रनों पर ही ढेर हो गई। हरभजन ने रॉस टेलर (42 रन), जेम्स फ्रैंकलिन (15 रन) और ब्रैंडन मैकलम (24 रन) को शिकार बनाया।
कीवी कप्तान डेनियल विटोरी 11 रनों के स्कोर पर ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे लपक लिए। मुनाफ पटेल ने भी एक विकेट अपने नाम किया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में भारतीय टीम ने एक विकेट पर 51 रन बना लिए थे और उसकी कुल बढ़त 233 रनों की हो गई।
वेलिंग्टन के बेसिन रिजर्व मैदान पर भारतीय टीम को दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के रूप में पहला झटका लगा। सहवाग 12 रन बनाकर क्रिस मार्टिन का शिकार बने। गौतम गंभीर 28 और राहुल द्रविड़ नौ रन बनाकर नाबाद हैं। भारत को पहली पारी के आधार पर 182 रनों की बढ़त मिली थी। भारतीय टीम ने पहली पारी में 379 रनों का स्कोर खड़ा किया था जिसमें सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह और कप्तान धौनी ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं थीं जबकि जहीर खान ने 33 रनों का महत्वपूर्ण योगदान किया था।
मैच का दूसरा दिन कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के लिए एक अलग मायने में बेहद खास रहा। उन्होंने दूसरे दिन विकेट के पीछे छह कीवी बल्लेबाजों के बल्लों को छूकर निकली गेंदों को अपना दास्ताने में समेट लिया। इसी के साथ वह एक पारी में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले भारतीय विकेटकीपर बन गए। इससे पहले यह भारतीय कीर्तिमान सैयद किरमानी के नाम दर्ज था जिन्होंने न्यूजीलैंड के ही खिलाफ पांच शिकार किए थे।
उल्लेखनीय है कि श्रृंखला में पहला मैच 10 विकेट से जीतकर भारत 1-0 से बढ़त बनाए हुए है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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