सहवाग ने तीन मैचों की पांच पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए कुल 140 रन बनाए लेकिन वह एक भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। वेलिंग्टन टेस्ट की पहली पारी के दौरान खेली गए 48 रनों की तेज पारी के अलावा वह एक भी मौके पर अपनी छवि के साथ न्याय नहीं कर सके।
सहवाग ने हेमिल्टन टेस्ट की पहली पारी में 24 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। नेपियर में वह 34 और 22 रन बनाकर आउट हुए। 34 रन की पारी के दौरान सहवाग ने 25 गेंदों का सामना किया लेकिन अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे।
वेलिंग्टन टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 51 गेंदों पर 48 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दी। यह पारी इस लिहाज से खास रही कि अच्छी शुरुआत के दम पर भारत 300 से अधिक रन बनाकर न्यूजीलैंड पर दबाव कायम करने में सफल रहा।
इसके बाद वेलिंग्टन टेस्ट की दूसरी पारी में वह 12 रन ही बना सके। सहवाग का औसत 28.00 रहा जबकि टेस्ट मैचों में उनका औसत 54.41 है। स्ट्राइक रेट 112.00 के मामले में हालांकि वह अपनी छवि के साथ न्याय करने में सफल रहे।
सहवाग पूरी श्रृंखला के दौरान लय में नहीं दिखे, हालांकि एकदिवसीय श्रृंखला में उन्होंने 77, 54, 3, 125 (नाबाद) और 40 रनों की पारियां खेलकर अपनी टीम को श्रृंखला जीतने में मदद की थी।
दूसरी ओर, घरेलू मैचों में उनके सहयोगी दिल्ली के गौतम गंभीर तीन मैचों की पांच पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 89.00 के औसत से 445 रन बटोर चुके हैं। इसमें दो शतक तथा एक अर्धशतक शामिल हैं। गंभीर इस श्रृंखला के सर्वोच्च स्कोरर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।