मेजबान टीम अब तक खेले गए अपने हिस्से के दोनों मैच जीतकर पांच टीमों की तालिका में सबसे ऊपर चल रही है। पहले मुकाबले में उसने पाकिस्तान को 3-2 से पराजित किया था जबकि मिस्र के खिलाफ अपना दूसरा मैच वह 4-1 के अंतर से जीत चुकी है।
दूसरी ओर, भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में अब तक जीत का खाता नहीं खोला है। रविवार को खेले गए पहले मुकाबले में मिस्र ने भारत को 2-2 की बराबरी पर रोका था। खिताबी दौड़ में बने रहने के लिए भारत को मेजबान टीम के साथ होने वाले मैच को हर हाल में जीतना होगा।
पहली बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही मिस्र की टीम के खिलाफ भारतीय टीम की अंतिम समय की कमजोरी के कारण मैच ड्रॉ हो गया था। मैच के अंतिम क्षणों में भारतीय टीम अक्सर बढ़त गंवा देती है।
पहले मैच में भारतीय टीम का प्रदर्शन आशा के अनुरूप नहीं रहा था। भारतीय टीम के कोच हरेंद्र सिंह ने स्वीकार किया है कि उनकी टीम ने पुरानी गलतियों को अब तक नहीं सुधारा है। मलेशिया की लगातार दूसरी जीत हरेंद्र को अपनी रणनीति बदलने को मजबूर करेगी क्योंकि उनकी नजर में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ही ऐसी टीमें हैं, जिनके खिलाफ वह सावधानी बरतने की बात करते रहे हैं।
भारत की अग्रिम पंक्ति को अपने खेल पर ध्यान देना होगा क्योंकि मिस्र के खिलाफ उसने कुछ ऐसे मौके गंवाए थे, जिन्हें अगर गोल में बदल दिया गया होता तो अंतिम समय में गोल खाने के बावजूद जीत तय थी। इसके अलावा रक्षा पंक्ति को बेहतर तालमेल के लिए प्रयास करना होगा। मिस्र के खिलाफ अंतिम समय में जो गोल हुआ था, वह निश्चित तौर पर तालमेल की कमी का नजीता था।
उधर, मलेशिया के हाथों हारने के बाद पाकिस्तानी टीम खिताबी दौड़ से बाहर हो गई है। पाकिस्तान को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। पहले मुकाबले में उसे मेजबान मलेशिया ने 3-2 से पराजित किया था जबकि दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भी उसे 3-2 से हराया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।