भारत ने रविवार को मलेशिया के शहर इपोह में खेले गए खिताबी मुकाबले में मलेशिया को 3-1 से हराकर इस खिताब पर चौथी बार कब्जा किया। भारत ने इससे पहले यह टूर्नामेंट 1995 में जीता था।
टीम को बधाई देते हुए गिल ने कहा, 'मैं देख रहा हूं कि भारतीय हॉकी विकास की ओर अग्रसर है। इस जीत के लिए मैं टीम को बधाई देता हूं।'
भारतीय हॉकी संघ की तदर्थ समिति के अध्यक्ष कलमाडी ने इस सफलता के लिए टीम के कप्तान संदीप सिंह और कोच हरेंद्र सिंह को बधाई दी।
संदीप ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान सबसे अधिक छह गोल किए। उन्होंने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ दो गोल करके अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया था।
इस टूर्नामेंट के माध्यम से भारत के दिग्गज खिलाड़ी दिलीप टिर्की ने अपना 400वां अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला। आज की तारीख में सबसे अधिक अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने का रिकार्ड टिर्की के नाम दर्ज हो चुका है।
अपने संदेश में कलमाडी ने कहा, "आपसी सहयोग के बिना यह जीत संभव नहीं थी। यह भारतीय हॉकी की संघर्षशक्ति की जीत है और मुझे यकीन है कि भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उन्हें काफी आगे लेकर जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।