वेबसाइट 'क्रिकइंफो डॉट कॉम' के मुताबिक बोथा की 'दूसरा' और तेज रफ्तार वाली गेंदों को संदेह के दायरे में रखा गया है। एक्शन पर उंगली उठने के बाद भी बोथा खेलना जारी रखेंगे लेकिन बॉयो-मैकेनिकल परीक्षण का परिणाम आने के बाद अगर वह दोषी पाए जाते हैं तब उनके खेलने पर प्रतिबंध लग सकता है।
चौथे एकदिवसीय मैच में अंपायर रहे ब्रायन जारलिंग, रुडी कोर्तजन और अशोक डी सिल्वा ने बोथा के संदिग्ध एक्शन के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
बोथा को 21 दिनों के भीतर खुद को बेकसूर साबित करना होगा। इसके लिए उन्हें आईसीसी द्वारा आयोजित बायो-मैकेनिकल परीक्षण से गुजरना होगा। आईसीसी ने इस संबंध में क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) को जानकारी दे दी है।
सीएसए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेराल्ड मजोला ने कहा कि बोथा के एक्शन को संदेहास्पद करार दिया जाना दुखद: है लेकिन उन्हें आशा है कि उनके प्रमुख खिलाड़ी जून में होने वाले ट्वेंटी-20 विश्व कप से पहले इस आरोप से बरी हो जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।