संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शहर दुबई स्थित आईसीसी के मुख्यालय में शनिवार और रविवार को होने वाली इस बैठक में विश्व कप के दौरान सुरक्षा व्यवस्था तथा आईसीएल द्वारा आधिकारिक मान्यता दिए जाने की अपील संबंधी मुद्दे छाए रहेंगे।
पिछले साल नवंबर में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले तथा इस साल तीन मार्च को लाहौर में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के काफिले पर हुए हमले के बाद कई टीमों ने भारतीय उपमहाद्वीप में खेलने को लेकर चिंता जाहिर की है।
आईसीसी के लिए यह गंभीर मसला है क्योंकि 2011 में अगले विश्व कप का आयोजन भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की मेजबानी में होनी है। दूसरे देशों ने अगर आतंकवाद प्रभावित इन चार देशों में खेलने से इंकार कर दिया तो फिर विश्व कप के आयोजन पर संकट खड़ा हो सकता है।
इस लिहाज से आईसीसी के लिए सुरक्षा एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में सामने आने वाला है। विश्व कप का आयोजन अगर भारतीय महाद्वीप में ही होगा तब आईसीसी को मेजबानों के साथ मिलकर सुरक्षा की जबरदस्त व्यवस्था करनी होगी और इसके लिए अच्छी-खासी तैयारी की जरूरत होगी।
इसके अलावा आईसीसी के लिए आईसीएल को मान्यता देने का मसला भी इस बैठक में उठाया जाएगा। आईसीएल आयोजन समिति से कहा है कि वह अप्रैल में उसे मान्यता देने के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगा।
जाहिर तौर पर यह मुद्दा आईसीसी के लिए काफी पेचीदा साबित होगा क्योंकि कई देश आईसीएल को मान्यता देने के पक्ष में नहीं हैं। इनमें भारत सबसे आगे है और विश्व क्रिकेट में उसके प्रभाव को देखते हुए आईसीसी के लिए आईसीएल के पक्ष में फैसला कर पाना काफी मुश्किल होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।