धीमी ओवर गति के लिए सबसे अधिक खामियाजा कप्तानों को भुगतना पड़ेगा। निर्धारित समय में पूरे ओवर नहीं फेंकने वाली टीमों के कप्तानों को पहली गलती के लिए 20,000 डॉलर जुर्माना भरना पड़ेगा।
दूसरी गलती पर पूरी टीम पर 220,000 डॉलर और तीसरी गलती पर 360,000 डॉलर जुर्माना लगाया जाएगा। यही नहीं, तीसरी गलती के लिए कप्तानों पर एक मैच के प्रतिबंध का भी प्रावधान है।
आयोजकों का कहना है कि टूर्नामेंट के पहले संस्करण के दौरान प्रति मैच 40 से 45 मिनट और कभी-कभी एक घंटे का विलंब हुआ था। इससे पूरा कार्यक्रम अस्त-व्यस्त हो गया था। इसी परेशानी से बचने के लिए इस बार टीमों पर भारी जुर्माना का प्रावधान रखा गया है।
आयोजन समिति ने साफ किया कि मैचों के दौरान प्रत्येक 10 ओवर के बाद साढ़े सात मिनट का जो ब्रेक निर्धारित किया गया है, उसी दौरान टीमों को अपनी रणनीति पर चर्चा करनी होगी।
आईपीएल के दूसरे संस्करण के मुकाबले तीन घंटे की बजाय तीन घंटे 15 मिनट में समाप्त होंगे। इसका कारण यह है कि आयोजन समिति ने इस साल प्रत्येक पारी में 10 ओवर के खेल के बाद साढ़े सात मिनट का विश्राम देने का फैसला किया है।
विश्राम के दौरान मैदान पर कोई गतिविधि नहीं होगी लेकिन यह 'तयशुदा' विश्राम कमाई के लिहाज से आईपीएल प्रबंधन के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। इस दौरान टेलीविजन विज्ञापनों की होड़ रहेगी, जिससे आयोजकों को करोड़ों डॉलर की कमाई हो सकती है।
साढ़े सात मिनट के ब्रेक के दौरान मैदान में मौजूद दर्शक जहां संगीत बैंड को प्रदर्शन करते देख सकेंगे वहीं टीवी के दर्शकों को इस कार्यक्रम को ढाई-ढाई मिनट के तीन भाग में दिखाया जाएगा। ढाई-ढाई मिनट के दो भागों को विज्ञापन पाने के लिए बेचा जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।