दुबई स्थित मुख्यालय में जारी दो दिवसीय बैठक के पहले दिन शुक्रवार को आईसीसी की कार्यकारिणी ने यह फैसला किया। आईसीसी ने साफ किया कि सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान से विश्व कप की मेजबानी छीनी जा रही है।
वेबसाइट 'क्रिकइंफो डॉट कॉम' ने इस संबंध में आईसीसी अध्यक्ष डेविड मोर्गन के बयान के हवाले से कहा, "पाकिस्तान में सुरक्षा की स्थिति बिल्कुल अस्पष्ट है। मैं मानता हूं कि हमारा फैसला निराशाजनक है लेकिन हमारे पास इसके सिवाय और कोई चारा नहीं था। हमारा मुख्य उद्देश्य विश्व कप का सफल और सुरक्षित आयोजन है। यही सोचकर हम यह फैसला लेने को मजबूर हुए। अब 2011 विश्व कप का आयोजन भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में होगा। पाकिस्तान को इसकी मेजबानी के अधिकार से वंचित किया जाता है।"
तीन मार्च को लाहौर में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के बाद कई देशों ने पाकिस्तान में खेलने को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। आईसीसी ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया था। इस घटना में श्रीलंका के छह खिलाड़ी जख्मी हुई थे जबकि छह सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
यह दूसरा मौका है जब पाकिस्तान से किसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट आयोजन की मेजबानी छीनी गई है। पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना था लेकिन आईसीसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन कहीं और कराने का फैसला किया। अब इसका आयोजन दक्षिण अफ्रीका में इस साल सितंबर में होना है।
आईसीसी के इस फैसले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को कम से कम 8 से 10 लाख डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा। चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी छीने जाने से भी उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा था। हालांकि इसके लिए आईसीसी ने उसे लगभग 27 लाख डॉलर का मुआवजा दे दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।