दुबई स्थित मुख्यालय में दो दिनों तक चली कार्यकारिणी की बैठक के बाद आईसीसी ने साफ किया कि आईसीएल में खेल चुके खिलाड़ियों को आधिकारिक और गैरआधिकारिक क्रिकेट के बीच अंतर करते हुए अपने करियर का फैसला करना चाहिए।
आईसीसी ने अपने बयान में कहा, "हमने उन खिलाड़ियों की वापसी पर कोई रोक नहीं लगाई है, जो आईसीएल के लिए खेल चुके हैं। हम उनसे एक बार फिर कहना चाहेंगे कि वे अपने भविष्य का फैसला आधिकारिक और गैरआधिकारि क्रिकेट के बीच अंतर करते हुए करें।"
उल्लेखनीय है कि आईसीएल ने आईसीसी को मान्यता देने संबंधी निवेदन पत्र रखा था। आईसीएल ने कहा था कि अगर आईसीसी उसे मान्यता नहीं देगा तो वह इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर होगा।
आईसीएल का तीसरा संस्करण इस साल सितंबर में शुरू हो रहा है। इसे लेकर उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि उसके लिए पिछले दो संस्करणों में खेल चुके कई प्रमुख खिलाड़ी अपने देश की राष्ट्रीय टीमों से खेलने के लिए प्रयासरत हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।