समाचार पत्र 'गल्फ न्यूज' से बातचीत के दौरान आलम ने कहा, "आईसीसी का फैसला बेहद निराशनजक है। पाकिस्तान को सुरक्षा कारणों से मेजबानों की सूची से हटाया गया है। यह किसी भी लिहाज से जायज नहीं है। इससे विश्व क्रिकेट बुरी तरह प्रभावित होगा। यह प्रभाव इतना व्यापक होगा कि इससे उबरने में कई साल लगेंगे।"
उल्लेखनीय है कि आईसीसी ने शुक्रवार को 2011 में भारतीय उपमहाद्वीप में होने वाले क्रिकेट विश्व कप के मुकाबले पाकिस्तान में नहीं कराने का फैसला किया था। आईसीसी ने साफ किया था कि सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान से विश्व कप की मेजबानी छीनी जा रही है।
तीन मार्च को लाहौर में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के बाद कई देशों ने पाकिस्तान में खेलने को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी।
आईसीसी ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया था। इस घटना में श्रीलंका के छह खिलाड़ी जख्मी हुई थे जबकि छह सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। यह दूसरा मौका है जब पाकिस्तान से किसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट आयोजन की मेजबानी छीनी गई है।
पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना था लेकिन आईसीसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसका आयोजन दक्षिण अफ्रीका में कराने का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।