आईपीएल की आधिकारिक वेबसाइट 'आईपीएल टी20 डॉट कॉम' को दिए साक्षात्कार में गावस्कर ने कहा कि इस सत्र में डिविलियर्स पूरी तरह परिपक्व बल्लेबाज के तौर पर उभरे हैं। टेस्ट तथा एकदिवसीय मैचों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद सुपर किंग्स के खिलाफ 54 गेंदों पर 105 रनों की उनकी बेमिसाल पारी इस बात का सबूत है।
गावस्कर ने कहा, "25 साल के डिविलियर्स इस सत्र में एक वरिष्ठ बल्लेबाज के तौर पर सामने आए हैं। आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट तथा एकदिवसीय मैचो में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब उन्होंने ट्वेंटी-20 मैचों में भी खुद को साबित कर दिखाया है। डिविलियर्स ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ एक महान पारी खेली। खासतौर पर अर्धशतक लगाने के बाद वह बेहद खतरनाक अंदाज में खेल रहे थे।"
गावस्कर के मुताबिक डिविलियर्स की सबसे बड़ी खासियत है कि वह अपनी पारी को बड़ी संजीदगी से संवारते हैं। गावस्कर ने कहा, "ट्वेंटी-20 मैचोंे में पारी को संवारने का वक्त नहीं होता लेकिन डिविलियर्स ने तिलकरत्ने दिलशान के विकेट पर रहते हुए खुद को रोके रखा और फिर जैसे ही दिलशान पेवेलियन लौटे, उन्होंने टीम को मजबूती देने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ही और एक ऐतिहासिक पारी खेली। ट्वेंटी-20 मैचों में शतक लगाना कभी आसान नहीं रहा है लेकिन डिविलियर्स ने बहुत सलीके से अपने स्ट्रोक का चयन करते हुए शतक पूरा किया। यही गुण किसी खिलाड़ी को महान बनाते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।