पाकिस्तान के समाचार पत्र 'द न्यूज' के मुताबिक इंतिखाब ने आईसीसी पर इस मामले को लेकर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। कोच के मुताबिक ऐसे में जबकि अजमल ने बुधवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की, उनके एक्शन को संदिग्ध करार दिया जाना बेहद निराशाजनक है।
इंतिखाब ने कहा, "पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। एक युवा गेंदबाज जब अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके एक्शन को संदिग्ध करार दिया जाता है। इससे पता चलता है कि आईसीसी का काम करने का तरीका कितना पारदर्शी है।"
इंतिखाब ने कहा कि अजमल का एक्शन किसी भी लिहाज से भारत के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन से अलग नहीं है।
उन्होंने कहा, "अजमल की जिस 'दूसरा' गेंद को संदिग्ध करार दिया गया है, वह बिल्कुल हरभजन और मुरलीधरन की शैली में फेंकी जाती है। इस लिहाज से अजमल का एक्शन बिल्कुल सही है क्योंकि इसी अंदाज में गेंद कराने वाले हरभजन और मुरली पर आईसीसी किसी प्रकार का आरोप नहीं लगा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।