बैंगलोर का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज जैक्स कालिस के रूप में गिरा। कालिस 23 रन के कुल योग आउट हुए। उन्हें ड्वेन ब्रावो ने धवल कुलकर्णी के हाथों कैच कराया। कालिस ने 10 गेंदों का सामना कर दो चौके लगाए।
कुलकर्णी ने इसके बाद रोबिन उथप्पा (4) को चलता कर बैंगलोर को दूसरा झटका दिया। बैंगलोर टीम का यह विकेट 31 रन के कुल योग पर गिरा।
विराट कोहली (20) ने एक छोर संभाले रहकर अपनी टीम को मदद पहुंचाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन चैतन्य नंदा ने उन्हें जीन पॉल डुमिनी के हाथों कैच कराकर अपनी टीम को बढ़ सफलती दिलाई। कोहली ने अपनी 22 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए।
कोहली का विकेट 40 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद हरभजन सिंह ने लसिथ मलिंगा की मदद से राहुल द्रविड़ ( 11) को रन आउट कर अपनी टीम को चौथी सफलता दिलाई। द्रविड़ का विकेट 58 के कुल योग पर गिरा।
खबर लिखे जाने तक बैंगलोर की टीम ने 10 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 58 रन बना लिए थे। रॉस टेलर सात रन बनाकर खेल रहे थे जबकि मार्क बाउचर ने खाता नहीं खोला था।
इससे पहले, अंजिक्य रेहाने (नाबाद 62) और डुमिनी (नाबाद 59) की शानदार पारियों की बदौलत सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में खेल रही मुंबई इंडियंस टीम ने बैंगलोर रॉयल चैलेंजर्स टीम के सामने 158 रनों का अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
मुंबई इंडियंस टीम ने तेंदुलकर (0) का विकेट पांच रन के कुल योग पर ही गंवा दिया था लेकिन इसके बाद रेहाने ने पहले सनत जयसूर्या (29) और फिर डुमिनी के साथ शानदार साझेदारियों को अंजाम देकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
49 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाने वाले रेहाने तथा 41 गेंदों पर तीन छक्के और दो चौके लगाने वाले डुमिनी की शानदार पारी की बदौलत मुंबई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 157 रन बनाने में सफल रही।
डुमिनी और रेहाने ने तीसरे विकेट के लिए 12 ओवर में नाबाद 104 रनों की साझेदारी की। आईपीएल में इस विकेट के लिए यह सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स के मैथ्यू हेडन और महेंद्र सिंह धौनी ने 100 रन जोड़े थे।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी मुंबई टीम ने 53 रन के कुल योग पर ही तेंदुलकर और जयसूर्या का विकेट गंवा दिया था। जयसूर्या के साथ पारी की शुरुआत करने आए तेंदुलकर खाता भी नहीं खोल सके। उन्हें विनय कुमार ने मार्क बाउचर के हाथों विकेट के पीछे कैच कराया। उस समय मुंबई का कुल योग पांच रन था।
तेंदुलकर के पेवेलियन लौटने के बाद जयसूर्या ने रेहाने के साथ कुल योग को 50 रन के पार पहुंचाया लेकिन 53 रन के कुल योग पर वान डेर मर्वे के हाथों पगबाधा आउट कर दिए गए। जयसूर्या ने अपनी 27 गेंदों की पारी के दौरान चार चौके लगाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।