यद्यपि, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने या तीसरे मोर्चे की सरकार के गठन के बारे में सोमवार को होने वाली बैठक में फैसला लिया जाएगा।
वाम दलों के रुख से भाजपा को होने वाले फायदे को लेकर पूछे गए सवाल पर माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एम. के. पंधे ने कहा, "नहीं, भाजपा सत्ता में नहीं आएगी। हम ऐसी स्थिति पैदा नहीं करेंगे जिससे भाजपा को लाभ हो।"
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तीसरा मोर्चा सत्ता में आएगा और इस बारे में वाम दल सोमवार को अंतिम फैसला करेंगे।
वाम दल गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई सरकार बनाने पर जोर दे रहे हैं लेकिन उसके नेता एक बार फिर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने के मुद्दे पर बंटे हुए हैं।
माकपा का एक धड़ा इसके पक्ष में है जबकि दूसरा धड़ा जिसमें पार्टी महासचिव प्रकाश करात शामिल है, का कहना है कि वह किसी भी रूप में कांग्रेस के साथ जाना नहीं चाहता।
पंधे ने इसके संकेत दिए कि यदि कांग्रेस अपनी 'साम्राज्यवाद समर्थक' नीतियों को छोड़ती है तो वाम दल उसके नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन कर सकते हैं।
पंधे ने आईएएनएस से कहा, "नीतियों में बदलाव को लेकर उन्होंने अभी तक कोई रुचि नहीं दिखाई है।"
भाकपा के केंद्रीय समिति के सदस्य सी. के. चंद्रप्पन ने कहा, "यह तो स्पष्ट है कि भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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