भारतीय बैडमिंटन में नए युग का सूत्रपात

By Staff

2007 में भारतीय टीम ने फ्रांस के साथ प्रोमोशन प्ले-ऑफ मैच खेला था लेकिन हार के बाद उसे एक बार फिर ग्रुप-3 में लौटना पड़ा था। भारतीय टीम ने ग्रुप-3 के तीसरे दौर के मुकाबले में बुधवार को स्कॉटलैंड को 5-0 से हराकर बुल्गारिया से भिड़ने के अधिकार हासिल किया था।

इससे पहले खेले गए ग्रुप-3 के दो मुकाबलों में भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया को 4-1 से और युक्रेन को 5-0 से पराजित किया था। ग्रुप-2 में पहुंचने तक का सफर तय करते हुए भारतीय टीम को सिर्फ एक महिला युगल मैच में हार मिली।

मिश्रित युगल वर्ग में वी. दीजू और ज्वाला गुट्टा की जोड़ी आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच हार गई थी लेकिन बाद में इन दोनों ने युक्रेन और स्कॉटलैंड के खिलाफ शानदार जीत हासिल की।

पुरुषों के एकल वर्ग में अरविंद भट्ट और चेतन आनंद ने बारी-बारी से भारत का झंडा बुलंद रखा। अरविंद ने जहां स्कॉटलैंड के खिलाफ जीत हासिल की वहीं चेतन ने युक्रेन और आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना मैच जीता था।

महिलाओं के एकल वर्ग में शीर्ष वरीय सायना नेहवाल ने अपने तीनों मैच जीते जबकि पुरुषों के युगल वर्ग में शानावे थॉमस और रुपेश कुमार ने भी लगातार तीन जीत के साथ भारत का सफर आसान किया।

महिलाओं के युगल वर्ग में अपर्णा बालन और श्रुति कुरियन ने भी शानदार खेल दिखाते हुए अपने हिस्से के सभी तीन मैच जीते। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रयास के बूते एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल कर एक नए युग का सूत्रपात किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Friday, May 15, 2009, 2:25 [IST]
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