राजस्थान टीम के कोचिंग निदेशक डरेन बैरी ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा है कि यह सच है कि वार्न चोटिल थे लेकिन तेंदुलकर के साथ उनकी वर्षो पुरानी प्रतिद्वंद्विता ने उन्हें मैदान में उतरने पर मजबूर कर दिया।
वार्न मैदान में उतरे और शानदार अंदाज में अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए रोमांचक जीत भी दिलाई। वार्न को अच्छी तरह पता था कि इस मैच की बहुत अहमियत है और फिर इससे पहले खेले गए मैच में उनकी तेंदुलकर के साथ भिड़ंत नहीं हो सकी थी क्योंकि वह मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था।
बैरी ने कहा, "जब तेंदुलकर मुंबई इंडियंस की ओर से खेल रहे थे, तब वार्न को मैदान में उतरने से रोकना मुश्किल था। उनकी जांघ में पट्टी बंधी थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह मैदान में उतरेंगे। वार्न के इस फैसले का उनके साथियों ने भी समर्थन किया। इससे जाहिर होता है कि टीम में उनकी कितनी इज्जत है।"
इसके बाद मैदान में जो हुआ, उसे दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों ने देखा। वार्न ने हालांकि मैच के बाद स्वीकार किया कि तेंदुलकर के विकेट पर रहते उन्हें अपनी टीम की जीत निश्चित नहीं दिख रही थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।