पार्थिव को लसिथ मलिंगा ने खाता भी नहीं खोलने दिया जबकि रेना को ड्वेन ब्रावो ने अपनी ही गेंद पर कैच किया। रैना ने 12 गेंदों पर दो चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 20 रन बनाए।
खबर लिखे जाने तक चेन्नई की टीम ने पांच ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 30 रन बना लिए थे। मैथ्यू हेडन पांच रन बनाकर खेल रहे थे जबकि एस. बद्रीनाथ ने भी पांच रन बनाए थे।
इससे पहले, जीन पॉल डुमिनी (62) और अभिषेक नायर (नाबाद 33) की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत मुंबई इंडियंस टीम ने चेन्नई सुपर किंग्स के सामने 148 रनों का अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 147 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज सनत जयसूर्या ने भी 30 रनों का योगदान। डुमिनी ने अपनी 54 गेंदों की पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए।
मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। उसने महज पांच रन के कुल योग पर अपने सलामी बल्लेबाज ड्वेन ब्रावो का विकेट गंवा दिया था। ब्रावो पांच रन बनाकर एल्बी मोर्कल की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद डुमिनी ने जयसूर्या के साथ दूसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े लेकिन 49 के कुल योग पर जयसूर्या भी चलते बने। उन्होंने 17 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और दो छक्के लगाए।
जयसूर्या की विदाई के बाद डुमिनी ने कप्तान सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया लेकिन तेंदुलकर 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर सुरेश रैना द्वारा लक्ष्मीपति बालाजी के हाथों कैच करा दिए गए।
तेंदुलकर का आउट होना मुंबई के लिए बड़ा झटका था लेकिन डुमिनी ने टीम पर इसे हावी नहीं होने दिया और अभिषेक नायर के साथ मिलकर स्कोर को 139 रनों तक पहुंचाया। नायर ने 27 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका और दो छक्के लगाए।
चेन्नई की टीम का यह 12वां मैच है जबकि मुंबई अपना 13वां मैच खेल रही है। चेन्नई ने 11 मैचों से छह जीत, चार हार और एक रद्द मैच के साथ 13 अंक जुटाए हैं जबकि मुंबई ने 12 मैचों से 11 अंक हासिल किए हैं। मुंबई को पांच जीत और छह हार मिली है। उसका भी एक मैच रद्द हुआ है।
यह मैच दोनों टीमों के लिए खास है। चेन्नई की टीम जहां यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर सकती है, वहीं मुंबई के लिए यह मैच जीतना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसके माध्यम से वह सेमीफाइनल की दौड़ में बने रह सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।