रविवार को मामले की सुनवाई के दौरान मैक्लम का पक्ष सुनने और मैच का वीडियो देखने के बाद मैच रेफरी ने कहा कि मैक्लम और उनकी टीम स्पष्ट तौर पर आचार संहिता के उल्लंघन की दोषी है।
मैदान में अंपायर के साथ बहस करने स्तर-2 श्रेणी का उल्लंघन माना जाता है। इससे आईपीएल आचार संहिता का सीधा उल्लंघन होता है। चूंकि यह मैक्लम की पहली गलती थी लिहाजा उन्हें समझाने के बाद छोड़ दिया गया।
मैच के दौरान मैक्लम ने अंपायर एस. रवि द्वारा मशरफे मुर्तजा की गेंद को नो-बॉल करार देने के फैसले का विरोध किया था। अंपायर का कहना था कि जिस वक्त गेंद फेंकी जा रही थी कि मैक्लम ने 30 गज के घेरे में सिर्फ तीन खिलाड़ियों को तैनात कर रखा था जबकि नियमानुसार वहां चार खिलाड़ी होने चाहिएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।