अपने परिवार का पेट भरने के लिए महज 12 साल की उम्र में पोर्टर (पर्वतारोहियों का सामना ढोने वाला) बनने वाले अपा शेरपा ने इस कामयाबी के साथ खुद को विश्व के महानतम पर्वतारोहियों में शामिल कर लिया है।
49 वर्ष के अपा ने 1980 में पहली बार एवरेस्ट के शिखर को चूमा था। इसके बाद वह लगातार इस पर्वत चोटी के दुर्गम रास्तों से होते हुए शिखर तक पहुंचे।
इस वर्ष अपा एक खास मकसद के साथ एवरेस्ट पर चढ़े। उनका यह खास मकसद प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण मौसम चक्र में आ रहे बदलाव को रोकना था।
गुरुवार को नेपाली समयानुसार सुबह आठ बजे 8848 मीटर चोटी पर चढ़कर अपा ने एक बैनर लहरा दिया। बैनर पर लिखा था "मौसम में बदलाव को रोको और हिमालय को जीने दो"।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।