वार्नर 9 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 15 रन बनाकर निलेश कुलकर्णी की गेंद पर मोहम्मद अशरफुल के हाथों लपके गए। उस समय दिल्ली ने 3.3 ओवरों में 36 रन बना लिए थे।
खबर लिखे जाने तक दिल्ली की टीम ने पांच ओवर की समाप्ति तक एक विकेट के नुकसान पर 46 रन बना लिए थे। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर 19 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 29 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने दो रन बनाए थे।
इससे पहले, अंजिक्य रेहाने (56) और कप्तान सचिन तेंदुलकर (46) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ मुंबई इंडियंस टीम को मुश्किलों से उबारा बल्कि दोनों ने चौथे विकेट के लिए 73 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक पहुंचाया।
एक समय मुंबई की टीम ने अपने तीन शुरुआती विकेट महज 28 रनों पर गंवा दिए थे लेकिन रेहाने और तेंदुलकर के बीच हुई तेज अर्धशतकीय साझेदारी और फिर रेहाने तथा पीनल शाह (12) के बीच हुई 43 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की बदौलत मुंबई की टीम ने दिल्ली डेयर डेविल्स के सामने 166 रनों का लक्ष्य रखा।
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 165 रन बनाए। हरभजन सिंह भी 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। तेंदुलकर ने जहां अपनी 41 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए वहीं रेहाने ने 41 गेदों का सामना करते हुए पांच चौके और दो छक्के जड़े। हरभजन ने सात गेंदों पर दो चौके लगाए।
मुंबई को दिल्ली की टीम ने 24 अतिरिक्त रनों का सौगात भी दिया। दिल्ली की ओर से डिर्क नैन्स ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि प्रदीप सांगवान ने दो विके झटके। आविष्कार साल्वी और रजत भाटिया ने भी एक-एक विकेट लिया।
दोनों टीमों का यह 14वां मैच है। दिल्ली की टीम 18 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है जबकि मुंबई की टीम 11 अंकों के साथ इस दौड़ से बाहर हो चुकी है।
नतीजे के लिहाज से यह मैच किसी भी टीम के लिए फायदेमंद साबित नहीं होगा। दिल्ली की टीम जहां जीत की लय बनाए रखने के लिए मैदान में उतरी है वहीं मुंबई के लिए अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए यह मैच जीतना जरूरी होगा।
दिल्ली की टीम ने 13 मैचों में नौ मैच जीते हैं जबकि चार में उसकी हार हुई है। दूसरी ओर, मुंबई की टीम ने अब तक खेले गए 13 मैचों में से पांच जीते हैं जबकि सात में उसकी हार हुई है। उसका एक मैच बेनतीजा भी रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।