टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 165 रन बनाए। मुंबई की ओर से अंजिक्य रेहाने ने सर्वाधिक 56 रन बनाए जबकि कप्तान सचिन तेंदुलकर ने 46 रनों का योगदान दिया।
जवाब में खेलने उतरी दिल्ली की टीम ने 17.3 ओवरों में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। दिल्ली की ओर से गौतम गंभीर ने 47, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 50 और तिलकरत्ने दिलशान ने 24 रनों का योगदान दिया।
अमित मिश्रा चार गेंद पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 13 रन बनाकर नाबाद लौटे। मुंबई की ओर से ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने 17 रन देकर चार विकेट अपनी झोली में डाले। हरभजन दो मौकों पर हैट्रिक के करीब पहुंचे थे।
एक समय दिल्ली की टीम ने 14.1 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 144 रन बना लिए थे। इस लिहाज से उसकी जीत बेहद करीब नजर आ रही थी लेकिन हरभजन ने लगातार दो गेंदों पर दिलशान और सहवाग को पेवेलियन लौैटाकर अपनी टीम को दोहरी खुशी दी।
दिलशान ने 14 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और दो छक्के लगाए जबकि सहवाग ने 27 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और दो छक्के जड़े।
इसके बाद दिल्ली की टीम ने अभी कुल योग में नौ रन जोड़े थे कि हरभजन ने एक बार फिर धावा बोला और लगातार दो गेंदों पर रजत भाटिया (2) और अब्राहम डिविलियर्स (6) को आउट कर दिल्ली को मुश्किल में डाल दिया।
अमित मिश्रा ने हालांकि 18वें ओवर में एक चौका और एक छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी लेकिन हरभजन के कारण दिल्ली को वैसी जीत नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद उसका टीम प्रबंधन और प्रशंसक कर रहे थे।
इससे पहले, रेहाने (56) और कप्तान तेंदुलकर (46) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ मुंबई को मुश्किलों से उबारा बल्कि दोनों ने चौथे विकेट के लिए 73 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक पहुंचाया।
एक समय मुंबई की टीम ने अपने तीन शुरुआती विकेट महज 28 रनों पर गंवा दिए थे लेकिन रेहाने और तेंदुलकर के बीच हुई तेज अर्धशतकीय साझेदारी और फिर रेहाने तथा पीनल शाह (12) के बीच हुई 43 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की बदौलत मुंबई की टीम ने दिल्ली डेयर डेविल्स के सामने 166 रनों का लक्ष्य रखा।
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 165 रन बनाए। हरभजन भी 12 रन बनाकर नाबाद लौटे।
तेंदुलकर ने जहां अपनी 41 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए वहीं रेहाने ने 41 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और दो छक्के जड़े। हरभजन ने सात गेंदों पर दो चौके लगाए।
मुंबई को दिल्ली की टीम ने 24 अतिरिक्त रनों की सौगात भी दी। दिल्ली की ओर से डिर्क नैन्स ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि प्रदीप सांगवान ने दो विकेट झटके। आविष्कार साल्वी और रजत भाटिया ने भी एक-एक विकेट लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*