रैना ने 15 मैचों में 31.00 के औसत से 434 रन बनाए। उनके नाम दो अर्धशतक दर्ज हैं। एक बार रैना 98 रन के व्यक्तिगत योग पर आउट हो गए थे। रैना ने 14 मैचों के दौरान 308 गेंदों का सामना करते हुए 37 चौके और 21 छक्के लगाए।
आईपीएल-2 के सबसे सफल तीन बल्लेबाज विदेशी हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के मैथ्यू हेडन ने 12 मैचों में 572 रन बटोरे जबकि डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने 16 मैचों में 495 रन बनाए। दिल्ली डेयर डेविल्स टीम के अब्राहम डिविलियर्स ने 15 मैचों की 13 पारियों में चार बार नाबाद रहते हुए 465 रन जुटाए।
सफलता की कहानी लिखने वाले भारतीय बल्लेबाजों में दूसरे क्रम पर मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान सचिन तेंदुलकर हैं। तेंदुलकर ने 13 मैचों में दो बार नाबाद रहते हुए 364 रन बटोरे। उन्होंने दो अर्धशतक और 39 चौके तथा 10 छक्के लगाए।
इस क्रम में तीसरे स्थान पर डेक्कन चार्जर्स के रोहित शर्मा हैं। रोहित ने 16 मैचों की 16 पारियों में तीन बार नाबाद रहते हुए 362 रन जुटाए। रोहित एक बार ही अर्धशतक लगाने में सफल रहे। इसके अलावा उनके बल्ले से 22 चौके और 18 छक्के निकले।
चेन्नई सुपर किंग्स टीम का नेतृत्व करने वाले भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी भी 300 से अधिक रन जुटाने में सफल रहे। धौनी ने 14 मैचों की 13 पारियों में पांच बार नाबाद रहते हुए 332 रन बटोरे। उनके बल्ले से 22 चौके निकले लेकिन कभी छक्के लगाने के मामले में उस्ताद माने जाने वाले धौनी सिर्फ नौ छक्के ही लगा सके।
किंग्स इलेवन पंजाब टीम के कप्तान युवराज सिंह भी 340 रनों के साथ सफल बल्लेबाजों की सूची में शामिल हुए लेकिन वह अपनी टीम को सेमीफाइनल में नहीं पहुंचा सके। युवराज ने 14 मैचों में दो बार नाबाद रहते हुए 28.33 के औसत से रन बटोरे। उनके बल्ले से 25 चौके और 16 छक्के निकले।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।