वेबसाइट 'न्यूड ऑफ द वर्ल्ड' ने टूर्नामेंट के निदेशक स्टीव एल्वर्दी के हवाले से लिखा है, "लाहौर और मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों के बाद सुरक्षा हमारे लिए बहुत बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। इस संबंध में हम किसी प्रकार का खतरा नहीं मोल सकते, लिहाजा सुरक्षा संबंधी बजट को अधिकतम स्तर तक सुरक्षित रखा गया है।"
एल्वर्दी ने बताया कि ब्रिटेन की सेना और कंमाडो जवानों की सेवाएं लेने के अलावा विश्व कप के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्राइवेट जासूसों की भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा लार्ड्स सहित सभी मैदानों में खोजी कुत्ते तैनात किए जाएंगे।
आयोजकों ने सुरक्षा संबंधी व्यवस्था में हाथ बंटाने के लिए 1000 स्वयंसेवकों को विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया है। पांच से 21 जून तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान क्रिकेट प्रेमियों को सुरक्षा जांच के दौरान असुविधा हो सकती है लेकिन उनसे सहयोग बरतने की अपील की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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