सशस्त्र बलों ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री के वितरण के लिए पहले ही जैमिनी नावों को लगा दिया है। इसके अलावा सेना और तटरक्षक बल की नावों को भी तैयार रखा गया है जो सूचना मिलते ही काम पर लग जाएंगी।
चक्रवात के कारण आई भारी बाढ़ से 895 किलोमीटर लंबे तटबंध पानी में बह गए हैं। इनके पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार ने सेना से तकनीकी सहयोग मांगा है। सेना के इंजीनियरिग कार्य दल विशेषज्ञ तकनीकी सलाह देने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुका है।
राहत और बचाव कार्य करने के लिए सेना के दो दस्तों और भारतीय नौसेना के आठ गोताखोरों को लगाया जा चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।