ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द टाइम्स' के मुताबिक नवरातिलोवा ने हालांकि किसी महिला खिलाड़ी का नाम नहीं लिया लेकिन उनका मानना है कि कोर्ट पर चीखने-चिल्लाने से विपक्षी खिलाड़ी का ध्यान भंग होता, लिहाजा इसे रोकने के लिए कुछ न कुछ जरूर किया जाना चाहिए।
नवरातिलोवा ने कहा, "रोजर फेडरर कोर्ट पर बिल्कुल नहीं चिल्लाते, लेकिन इसके बावजूद वह बेहद सफल रहे हैं। इन दिनों कोर्ट पर चिल्लाने की घटनाएं कुछ ज्यादा ही होने लगी हैं। मेरा मानना है कि इससे विपक्षी खिलाड़ी का ध्यान भंग होता है। इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।"
सर्विस या रिटर्न के दौरान टेनिस कोर्ट पर चिल्लाने की शुरुआत मोनिका सेलेस ने की थी। उससे पहले भी कुछ महिला खिलाड़ी कोर्ट पर चीखती थीं लेकिन उससे विपक्षी खिलाड़ियों का ध्यान भंग नहीं होता था।
सेलेस के बाद कुछ खिलाड़ी ऐसी हुईं, जिन्होंने कोर्ट पर चिल्लाने की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा किया। इनमें विश्व की पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त रूसी खिलाड़ी मारिया शारापोवा भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।