मुकाबले की शुरुआत से पहले किसी को इस नतीजे की उम्मीद नहीं थी लेकिन मैच खत्म होने के बाद यही कहा जा रहा है कि यह ट्वेंटी-20 के रोमांच और क्रिकेट में व्याप्त अनिश्चितता का कमाल है।
ट्वेंटी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि यह साढ़े तीन घंटे की कम अवधि में समाप्त हो जाता है और इसमें जीतने वाली टीम को लेकर अटकलें लगाना बहुत मुश्किल है। नीदरलैंड्स के हाथों इंग्लैंड की हार के बाद इस बात को और बल मिला है।
ट्वेंटी-20 की लोकप्रियता का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा है, उसे एक क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। बढ़ते हुए ग्राफ को ध्यान में रखकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने क्रिकेट को 206 देशों तक पहुंचाने का 'एक्शन प्लान' बना लिया है।
इस मुहिम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और चैंपियंस लीग जैसी प्रतियोगिताओं से आईसीसी को बहुत फायदा हो रहा है क्योंकि क्रिकेट के व्यवसायीकरण के इस दौर में ट्वेंटी-20 भी फुटबाल, रग्बी, बेसबाल, बास्केटबॉल और टेनिस की तरह बड़ी तेजी से वैश्विक रूप लेने लगा है।
टेस्ट खेलने वाले देशों पर संबंद्ध देशों (जिन्हें टेस्ट दर्जा प्राप्त नहीं है) की जीत ने आईसीसी का काम और आसान कर दिया है। आईपीएल की समाप्ति के बाद यहां तक कहा जा रहा था कि ट्वेंटी-20 विश्व कप दर्शकों का ध्यान अपनी ओर नहीं खींच पाएगा लेकिन पहले मैच के परिणाम ने ही इसमें रोचकता की छौंक लगा दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।