पाकिस्तान के समाचार पत्र 'द डॉन' के मुताबिक हाल ही में संपन्न घरेलू ट्वेंटी-20 मुकाबले के फाइनल मुकाबले में अंपायर नदीम गौरी ने उन्हें पगबाधा आउट करार दिया था लेकिन नजीर ने अंपायर के फैसले पर कड़ा विरोध जताया था। वह बल्ला पटकते हुए पेवेलियन लौटे थे। पत्र ने यह भी खुलासा किया है कि नजीर ने गौरी को अंधा कहा था।
पत्र ने पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट्ट के हवाले से लिखा है कि नजीर को इस बात की जानकारी दे दी गई है कि अनुशासनहीनता के उस मामले के बाद उनके लिए राष्ट्रीय टीम में कोई जगह नहीं है।
बट्ट ने कहा, "अनुशासनहीनता के उस मामले के बाद नजीर पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था लेकिन मेरी नजर में यह बहुत छोटी सजा है। ऐसे खिलाड़ी को आगे से कभी भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिलना चाहिए। अंपायर के फैसले के खिलाफ विरोध जताने और उसे अंधा कहने वाले खिलाड़ी को क्रिकेट खेलने का कोई हक नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।