नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को ट्वेंटी-20 विश्व कप के लिए इंग्लैंड ले जाने के लिए टीम प्रबंधन ने एक तरह से जोखिम मोल लिया था। टीम प्रबंधन जानता था कि सहवाग चोटिल हैं लेकिन इसके बावजूद उसने उन्हें इंग्लैंड ले जाने का फैसला किया क्योंकि उसका मानना था कि सहवाग कम से कम सुपर-8 दौर तक जरूर फिट हो जाएंगे।
सहवाग को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सेमीफाइनल मैच के दौरान चोट लगी थी, जिससे वह इंग्लैंड रवाना होने तक उबर नहीं सके थे। इस कारण वह लगभग चार मैचों में नहीं खेल सके थे। इस चोट से उबरने के बाद सहवाग बाद के दो मैचों में खेले लेकिन डेक्कन चार्जर्स के साथ हुए सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान उनकी चोट फिर से उभर आई थी।
टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि इंग्लैंड पहुंचने के बाद हालात बदलेंगे, लेकिन हालात न तो सहवाग के पक्ष में हुए और न ही टीम प्रबंधन के। सहवाग अभ्यास के लिए मैदान में पहुंचते तो जरूर थे लेकिन थोड़ा समय बिताने के बाद होटल लौट जाते थे।
दुनिया भर की मीडिया की निगाह में यह घटना कुछ अलग प्रतीत हुई। इसने सहवाग और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के बीच रिश्ते खराब होने की चर्चाओं को जन्म दिया। इसके अलावा संवाददाता सम्मेलन में धौनी का सहवाग को लेकर खुलकर बयान नहीं देना जबकि जहीर खान की फिटनेस लेकर पूरी जानकारी देने के बाद इन चर्चाओं को बल मिला।
सहवाग के साथ-साथ जहीर भी चोटिल थे। उन्हें लेकर भी टीम प्रबंधन ने एक तरह का जोखिम मोल लिया था क्योंकि उसे यकीन था कि समय रहते फिट होने की स्थिति में जहीर एक स्ट्राइक गेंदबाज के रूप में टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। धौनी ने जहीर और सहवाग के संबंध में अलग-अलग बयान दिए थे। इसके बाद जो हालात उपजे उसका नतीजा यह हुआ कि एक के बाद एक कई बातें जुड़ती चली गईं और बात यहां तक पहुंच गई कि कप्तान और उपकप्तान के बीच जबरदस्त मनमुटाव है।
सहवाग के साथ अपने मनमुटाव की खबरों से तंग आकर धौनी ने टीम की एकता का सबूत देने के लिए संवाददाता सम्मेलन में सभी खिलाड़ियों की 'परेड' कराई और राष्ट्र के नाम एक तरह का 'संदेश' दिया लेकिन इससे बात बनने की जगह और बिगड़ गई। उम्मीद की जा रही थी कि सहवाग बांग्लादेश के खिलाफ खेलेंगे लेकिन जब वह मैदान में नहीं उतरे तब मीडिया ने धौनी को घेरने का फैसला किया।
धौनी ने सहवाग से जुड़े सवालों को लेकर यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि इसका जवाब बीसीसीआई के पास है। इसी बीच, भारतीय टीम के प्रबंधक सी. नाथ ने सहवाग को लेकर जारी ऊहापोह की स्थिति को साफ करते हुए कहा कि इस संबंध में बयान बीसीसीआई को देना है। इसके कुछ घंटों बाद ही बीसीसीआई की ओर से बयान आया कि सहवाग फिट नहीं होने के कारण स्वदेश लौटेंगे।
इस पूरे प्रकरण में भारतीय टीम के कोच गैरी कर्स्टन का बयान तस्वीर साफ करने वाला प्रतीत होता है। कर्स्टन के अनुसार सहवाग जैसे मैच जिताऊ खिलाड़ी का चोटिल होना बड़ा झटका था लेकिन इसके बावजूद उन्हें इंग्लैंड ले जाने का जोखिम भरा निर्णय सिर्फ इसलिए लिया गया क्योंकि टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि वह कुछ मैचों के लिए फिट हो जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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