नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम शुक्रवार को ट्वेंटी-20 विश्व कप का अपना पहला सुपर-8 मुकाबला खेलेगी। ऐतिहासिक लॉर्ड्स स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 10 बजे से होने वाले इस मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम उसके सामने होगी। ग्रुप स्तर पर अपने दोनों मैच जीतकर सर्वाधिक अंक जुटाने वाली भारतीय टीम का एकमात्र लक्ष्य विजय अभियान जारी रखने का होगा।
भारत ने ग्रुप-ए में बांग्लादेश और आयरलैंड को हराया था। दूसरी ओर वेस्टइंडीज की टीम ने कप्तान क्रिस गेल की 88 रनों की तूफानी पारी की बदौलत अपने पहले ग्रुप मैच में शक्तिशाली आस्ट्रेलिया को पटखनी दी थी लेकिन दूसरे मुकाबले में उसे श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
वेस्टइंडीज की टीम ने ग्रुप स्तर पर जीत और हार का स्वाद चखा है, लिहाजा सुपर-8 मैच को लेकर उसका नजरिया संतुलित रहेगा लेकिन भारत को इस मैच में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि उसका सामना अब तक किसी मजबूत टीम से नहीं हुआ है।
बांग्लादेश की टीम बेशक उलटफेर करने में माहिर है, लेकिन उसका स्तर अब भी वेस्टइंडीज या न्यूजीलैंड की बराबरी तक नहीं पहुंचा है। भारत ने आयरलैंड को भी बड़ी आसानी से हराया लेकिन उस मैच से कुछ 'सीखने' योग्य बात निकली हो, ऐसा लगता नहीं है। इसका कारण यह है कि भारत ने आयरलैंड के खिलाफ भी अपनी पूरी ताकत आजमाई और एकतरफा जीत हासिल की।
वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत को सबसे अधिक गेल और तेज गेंदबाज फिडेल एडवर्ड्स से सावधान रहना होगा। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मिशेल जानसन की गेंद पर घायल हुए गेल के खेलने की स्थिति बनती दिख रही है, हालांकि इस संबंध में टीम प्रबंधन ने पुष्ट रूप से कुछ नहीं कहा है। दाएं पैर में चोट के कारण गेल बुधवार को श्रीलंका के खिलाफ नहीं खेल सके थे।
गेल के नहीं खेलने से वेस्टइंडीज को काफी फर्क पड़ेगा। इसका कारण यह है कि गेल की अनुपस्थिति में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम की ताकत आधी रह जाती है। इस टीम में आंद्रे फ्लेचर, शिवनारायन चंद्रपॉल, रामनरेश सरवन और ड्वेन ब्रावो जैसे चमकते सितारे भी हैं लेकिन गेल की मौजूदगी टीम में जान फूंकने का काम करती है।
एड्वर्ड्स का सामना करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में शानदार गेंदबाजी करने के बाद यह खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरपूर दिख रहा है। इसके अलावा ब्रावो भी भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। ब्रावो ने भी आईपीएल के दौरान गेंद और बल्ले के साथ शानदार प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग की अनुपस्थिति में भारतीय पारी की शुरुआत एक बार फिर गौतम गंभीर और रोहित शर्मा करेंगे लेकिन तीसरे क्रम पर कौन आता है, यह देखने वाली बात होगी। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा है कि वह लंबे समय तक तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी नहीं करेंगे, लिहाजा इस क्रम पर सुरेश रैना के लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
वैसे भी रैना इसी क्रम पर अपना स्वाभाविक खेल खेलते हैं। चौथे क्रम पर युवराज, पांचवें पर धौैनी और छठे पर यूसुफ पठान के आने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम काफी संतुलित हो सकता है। इरफान पठान और हरभजन सिंह सातवें और आठवें क्रम पर उपयोगी पारियां खेल सकते हैं।
पिछले दो मैचों की तरह इस बार भी भारतीय टीम इस खास मुकाबले में भी दो स्पिनरों-हरभजन और प्रज्ञान ओझा के साथ मैदान में उतरना पसंद करेगी। ओझा भारत के लिए 'ट्रंप-कार्ड' साबित हो सकते हैं क्योंकि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों को ज्यादा नहीं खेला है।
कुल मिलाकर पिछली बार खिताब जीतकर क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले भारत के युवा खिलाड़ियों के लिए विश्व कप पर कब्जा बरकरार रखने का असल अभियान अब शुरू हुआ है। भारत को वेस्टइंडीज के अलावा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ भी एक-एक मैच खेलना होगा।
इंग्लैंड के साथ उसका मुकाबला 14 जून को लंदन में खेला जाना है जबकि दक्षिण अफ्रीका के साथ उसकी भिड़ंत 16 जून को नाटिघम के ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम में होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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