श्रीलंका ने ग्रुप स्तर के अपने दोनों मैचों को जीतने के साथ-साथ सुपर-8 दौर के तीनों मैच भी जीते हैं। वेस्टइंडीज ने ग्रुप स्तर में एक जीत हासिल की थी जबकि सुपर-आठ दौर में उसे दो जीत मिली है।
ग्रुप स्तर में वेस्टइंडीज का सफर अच्छा रहा। उसने आस्ट्रेलिया को हराया था जबकि श्रीलंका के खिलाफ उसे हार मिली थी। सुपर आठ में वेस्टइंडीज ने कुछ चौंकाने वाले नतीजे देते हुए भारत और इंग्लैंड को हराया जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसे हार मिली थी।
गौर करने वाली बात यह है कि श्रीलंका और वेस्टइंडीज की टीमें इस विश्व कप में इससे पहले एक बार और भिड़ चुकी हैं। ग्रुप स्तर के उस मैच में श्रीलंका ने 15 रनों से जीत दर्ज की थी। यह वह मैच था, जिसमें वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल नहीं खेल सके थे।
हाल के दिनों में हुए मैचों से यह बात सामने आई है कि गेल की गैरमौजूदगी में कोई भी टीम वेस्टइंडीज को हरा सकती है लेकिन उनकी मौजूदगी में अच्छी-अच्छी टीमें वेस्टइंडीज से घबराती हैं। यह बात गेल भी स्वीकार कर चुके हैं लेकिन श्रीलंका को हराने के लिए उनकी टीम को सम्मिलित रूप से एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।
गेल जाहिर तौर पर श्रीलंका के लिए खतरा हो सकते हैं लेकिन ड्वेन ब्रावो, लेंडल सिमंस, फिडेल एडवर्ड्स, जेरोम टेलर, शिवनारायण चंद्रपॉल और रामनरेश सरवन जैसे खिलाड़ियों के योगदान के बगैर वेस्टइंडीज फाइनल जीतने के बारे में नहीं सोच सकता।
वेस्टइंडीज को खासतौर पर बल्लेबाजी में गेल, सिमंस तथा ब्रावो और गेंदबाजी में एडवर्ड्स तथा टेलर से उम्मीदें होंगी लेकिन सरवन और चंद्रपॉल का अनुभव भी उसके काफी काम आ सकता है। सिमंस उपयोगी गेंदबाज की भी भूमिका अदा कर सकते हैं। श्रीलंका के खिलाफ हुए ग्रुप मैच में उन्होंने चार विकेट लिए थे।
वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को सबसे अधिक लसिथ मलिंगा, असंथा मेंडिस और मुथैया मुरलीधन से सावधान रहना होगा जबकि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के निशाने पर श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा, तिलकरत्ने दिलशान, सनत जयसूर्या और माहेला जयवर्धने होंगे।
श्रीलंकाई टीम के ये चार दिग्गज बल्लेबाज बेहतरीन फार्म में हैं। खासतौर पर जयवर्धने और दिलशान ने ग्रुप स्तर से लेकर सुपर-आठ तक अपने खेल से अपनी टीम का पलड़ा भारी ही किया है।
वेस्टइंडीज के लिए मेंडिस और मुरलीधरन सबसे बड़ा खतरा हो सकते हैं। वेस्टइंडीज के बल्लेबाज स्पिनरों को अच्छी तरह खेलते हैं। ग्रुप स्तर में मेंडिस और मलिंगा ने वेस्टइंडीज के दो-दो बल्लेबाजों को पेवेलियन लौटाया था जबकि मुरली को भी एक सफलता मिली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।