पाकिस्तान ने अपने सलामी बल्लेबाज कामरान अकमल (37) और शाहजैब हुसैन (19) के विकेट गंवाए हैं। अकमल 28 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के लगाने के बाद सनत जयसूर्या की गेंद पर कुमार संगकारा के हाथों लपके गए। पाकिस्तान का यह विकेट 48 रन के कुल योग पर गिरा।
पाकिस्तान का दूसरा विकेट 63 रन के कुल योग पर गिरा जब मुथैया मुरलीधरन की गेंद को उड़ाने के प्रयास में हुसैन जयसूर्या के हाथों लपके गए।
खबर लिखे जाने तक पाकिस्तान ने 15 ओवर में दो विकेट खोकर 103 रन बना लिए थे। शाहिद अफरीदी 24 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि शोएब मलिक ने 15 रन बनाए थे।
इससे पहले, कप्तान संगकारा (नाबाद 64) और एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 35) की शानदार पारियों की बदौलत श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 138 रन बनाए।
श्रीलंका ने 70 रन के कुल योग पर अपने छह विकेट गंवा दिए थे लेकिन संगकारा और मैथ्यूज ने सातवें विकेट के लिए नाबाद 68 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक पहुंचा दिया।
संगकारा 52 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 64 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि मैथ्यूज ने 24 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 35 रन बनाए। इसके अलावा जयसूर्या ने 17 और चमारा सिल्वा ने 14 रनों का योगदान दिया। सिल्वा और संगकारा ने पांचवें विकेट के लिए 35 रन जोड़े।
श्रीलंका को सबसे अधिक उम्मीद सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान से थी लेकिन उन्होंने निराश किया। टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज दिलशान खाता खोले बगैर पेवेलियन लौटे। इसके अलावा जेहान मुबारक (0), माहेला जयवर्धने (1) और इसुरू उदाना (1) ने एक छोर पर टिके अपने कप्तान को निराश किया।
पाकिस्तान की ओर से अब्दुर रज्जाक ने तीन विकेट झटके जबकि उमर गुल, मोहम्मद आमिर और अफरीदी ने एक-एक सफलता हासिल की।
पाकिस्तान की टीम दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में पहुंची है जबकि श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को हराया था। पाकिस्तानी टीम लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है। इससे पहले 2007 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए टूर्नामेंट के पहले संस्करण में वह खिताबी मुकाबले में भारत से हार गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।