नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। भारत और वेस्टइंडीज की क्रिकेट टीमों के बीच खेली जाने वाली चार मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला की शुरुआत शुक्रवार से हो रही है। श्रृंखला का पहला मैच किंग्सटन के सबीना पार्क क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। इस श्रृंखला के माध्यम से दोनों टीमें पिछली हार का हिसाब चुकाना चाहेंगी।
इससे पहले दोनों टीमों के बीच जनवरी, 2007 में भारत में पांच मैचों की श्रृंखला खेली गई थी, जिसमें भारतीय टीम ने 3-2 से जीत हासिल की थी। इस लिहाज से क्रिस गेल की टीम भारत से उस हार का हिसाब चुकाना चाहेगी जबकि महेंद्र सिंह धौनी की टीम वेस्टइंडीज से 2006 में उसके घर में खेली गई पांच मैचों की श्रृंखला में मिली हार का हिसाब चुक्ता करना चाहेगी।
वर्ष 2006 में खेली गई पांच मैचों की श्रृंखला में वेस्टइंडीज ने भारत को 4-1 से हराया था। इन दो श्रृंखलाओं के बीच दोनों टीमें कुआलालंपुर में दो बार भिड़ी थीं, जिसमें दोनों ने एक-एक मैच जीता था। दोनों टीमों के बीच सबसे ताजातरीन भिड़ंत इंग्लैंड में आयोजित ट्वेंटी-20 विश्व कप के दूसरे संस्करण के सुपर-8 दौर में हुई थी। इस मैच में वेस्टइंडीज धौनी की टीम पर भारी पड़ा था।
वेस्टइंडीज में जीत हासिल करना भारतीय टीम के लिए हमेशा से टेढ़ी खीर रहा है। विगत 27 वर्षो में भारतीय टीम को कैरेबियाई टीम के खिलाफ उसी के घर में सिर्फ एक श्रृंखला में जीत नसीब हुई है। वर्ष 2001-02 में खेली गई पांच मैचों की श्रृंखला में भारत ने वेस्टइंडीज को 2-1 के अंतर से हराया था लेकिन उसके बाद उसे अब तक जीत नहीं मिली है।
इस लिहाज से भारतीय टीम के लिए सबसे पहली चुनौती वेस्टइंडीज में अपने लचर प्रदर्शन से जुड़ी कड़वी यादों से छुटकारा पाने की होगी। सिलसिलेवार तौर पर आकलन करें तो पता चलता है कि पिछले सात साल में भारत ने वेस्टइंडीज में एक मौके पर भी प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं किया है।
वर्ष 2007 में वेस्टइंडीज में खेले गए एकदिवसीय विश्व कप में भारतीय टीम दूसरे दौर में भी नहीं पहुंच सकी थी जबकि 2006 में खेली गई पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में वेस्टइंडीज ने उसे घरेलू मैदानों पर 4-1 से पराजित किया था। वेस्टइंडीज की धरती भारत के लिए भाग्यशाली नहीं रही है क्योंकि यहां जीत हासिल करने के लिए उसे जबरदस्त संघर्ष करना पड़ा है। भारतीय टीम ने 1982-83 में पहली बार वेस्टइंडीज का दौरा किया था। उस श्रृंखला में वेस्टइंडीज 2-1 से विजयी रहा था।
उसके बाद लगभग 19 वर्षो तक भारत को कैरेबियाई धरती पर जीत नहीं नसीब हुई थी। हार के क्रम को तोड़ते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने 2001-02 में पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 के अंतर से जीत हासिल की थी। इस श्रृंखला के दो मैच रद्द कर दिए गए थे।
1982 के बाद भारत ने 1988 में वेस्टइंडीज दौरा किया था लेकिन इस बार भी उसे पांच मैचों की श्रृंखला में 0-5 के हार का सामना करना पड़ा था। 1996-97 में भारतीय टीम एक बार फिर वेस्टइंडीज गई लेकिन इस बार उसे 1-3 से हार मिली थी। भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर यह है कि हाल के दिनों में अपने घर में कैरेबियाई टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।
वर्ष 2006 सत्र में भारत से भिड़ने के बाद वेस्टइंडीज की टीम ने अपने घर में दो एकदिवसीय श्रृंखलाएं खेली हैं और दोनों में ही उसे हार का सामना करना पड़ा है। 2008 में आस्ट्रेलिया ने उसे 5-0 से रौंदा था जबकि 2008-09 में इंग्लैंड ने उसे 3-2 से पराजित किया था। इसके अलावा भारत को इस बात का संतोष होगा कि उसने आखिरी एकदिवसीय मुकाबले में वेस्टइंडीज को 160 रनों के भारी अंतर से हराया था। यह मैच वड़ोदरा में खेला गया था लेकिन उससे ठीक पहले चेन्नई में उसे तीन विकेट से हार झेलनी पड़ी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**