टूर्नामेंट में सर्वाधिक आठ गोल ठोकने वाली रानी ने 17वें, 38वें, 44वें और 54वें मिनट में गोल किया जबकि सबा अंजुम ने 20वें और थॉकचोम चानचान ने 49वें मिनट में अपनी टीम के लिए योगदान दिया। बेल्जियम के लिए कप्तान वालेरे वीरमेस्र्क ने 40वें और 52वें मिनट में तथा बून जिल ने 55वें मिनट में गोल दागा।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अगले साल अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका में खेले जाने वाले चैंपियंस चैलेंज-1 टूर्नामेंट में खेलने की योग्यता हासिल कर ली है। भारत ने चैंपियंस लीग-1 में इससे पहले 2001 में हिस्सा लिया था। जोहांसबर्ग में आयोजित टूर्नामेंट में भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही थी।
कजान में भारतीय टीम ने अपने सभी पांच मैचों में शानदार खेल दिखाया। इस खिताबी जीत ने पिछले साल बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने के गम को काफी हद तक हल्का किया है। ओलंपिक क्वालीफाईंग में भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी।
ओलंपिक क्वालीफाईंग में भारतीय टीम बेल्जियम के हाथों भी हारी थी। इस लिहाज से भारतीय खिलाड़ियों ने अपना हिसाब चुकता कर लिया है। इस टूर्नामेंट में भारत ने बेल्जियम को दो बार पराजित किया। खिताबी मुकाबले से पहले उसने पूल-ए के मुकाबले में बेल्जियम पर 5-3 से जीत दर्ज की थी।
भारतीय टीम की कप्तान सुरिंदर कौर को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। आयरलैंड ने युक्रेन को 2-1 से हराकर कांस्य पदक जीता जबकि बेलारूस ने कनाडा को हराकर पांचवां और मलेशिया ने सातवां स्थान हासिल किया। रूस को आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।